अहमदाबाद: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने बुधवार को कहा कि दिल्ली जिला एवं क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में हुए भ्रष्टाचार पर सच बोलने की वजह से उन्हें पार्टी से बाहर निकाला गया और यह पार्टी के लिए दुर्भाग्य की बात है। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद बिहार के दरभंगा से तीन बार सांसद रहे आजाद ने कहा, "आखिर मैंने पार्टी विरोधी ऐसा कौन सा काम किया?"
आजाद ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ कभी कुछ नहीं बोला 'जबकि अधिकतर गड़बड़ियां उन्हीं के कार्यकाल के दौरान हुईं'। गौरतलब है कि जेटली 2013 तक डीडीसीए के 13 वर्ष अध्यक्ष रहे। आजाद ने कांग्रेस या आम आदमी पार्टी (आप) के साथ अपनी सांठगांठ होने से भी इनकार किया। आजाद ने कहा, "कांग्रेस और आप ने तो मेरा ही मुद्दा उठा लिया।" भविष्य की योजना के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा, "देखिए, क्या होता है आगे। खेल तो अब शुरू हुआ है।"
इससे पहले आजाद लगातार डीडीसीए में कथित वित्तीय अनियमितता बरते जाने का आरोप लगा रहे थे। पहले से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि कीर्ति आज़ाद के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बिहार में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी आज वित्त मंत्री अरूण जेटली के प्रति एकजुटता जताते हुए अपने पार्टी के सांसद कीर्ति आजाद और कुछ अन्य सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी।
सुशील ने आज ट्वीट कर कहा था कि भाजपा को कीर्ति आजाद और कुछ अन्य सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, जिनके विपक्ष के हाथ में खेलने के कारण पार्टी को फजीहत झेलनी पड़ रही है।