नयी दिल्ली: भारत ने आज उम्मीद जतायी कि समग्र द्विपक्षीय वार्ता के तहत पाकिस्तान के साथ बातचीत होने से क्षेत्र में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू होगा क्योंकि दोनों देशों के बीच लगातार दूरी क्षेत्र की शांति और प्रगति के लिए अड़चन हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी पाकिस्तान यात्रा और भारत-पाक संबंधों के नवीनतम घटनाक्रम पर आज राज्यसभा में अपनी ओर से एक बयान दिया। सुषमा ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच पेरिस पर्यावरण सम्मेलन के दौरान यह चर्चा हुयी थी कि दोनों देशों के बीच दोबारा किस तरह बातचीत का माहौल बनाया जा सकता है।
सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान के साथ एक नए शीर्षक समग्र द्विपक्षीय वार्ता के तहत बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विदेश सचिवों को इस नयी वार्ता की रूपरेखा और सारणी तय करने का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा, इसके पीछे यह भावना थी कि हम दोनों पडोसी देशों के बीच लगातार दूरी हमारे क्षेत्र में शंाति स्थापित करने तथा इसे एक प्रगतिशील क्षेत्र के रूप में विकसित करने के हमारे साझा सपने के मार्ग में अड़चन है।
सुषमा ने कहा, साथ ही यह भी बिल्कुल स्पष्ट था कि हमारे बीच संबंधों को विकसित करने के मार्ग में मुख्य बाधाओं, विशेषकर आतंकवाद से, प्रत्यक्ष एवं स्पष्ट रूप से निपटने की आवश्यकता है। मेरा पूर्ण विश्वास है कि यह सदन भी इस भावना से पूरी तरह सहमत होगा। उन्होंने सदन में हंगामे के बीच अपना बयान पढ़ा। उस समय कई विपक्षी दल के सदस्य विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी कर रहे थे।