पटना: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के जदयू के ऐलान के कुछ दिनों बाद बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जाहिर तौर पर राजद के दबाव में आकर पीछे हट गए।
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सुशील ने एक बयान में कहा, जदयू ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का अपना शुरूआती फैसला आनन फानन में बदल लिया है। जाहिर तौर पर राजद प्रमुख (लालू प्रसाद) के सत्तारूढ़ महागठबंधन में अपनी पार्टी की भूमिका की समीक्षा करने की धमकी देने के बाद ऐसा किया गया।
मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव मैदान से हटने का जदयू का फैसला इस तथ्य को भी जाहिर करता है कि इस पार्टी का पड़ोसी राज्य में कोई जनाधार नहीं है जबकि नीतीश शराबबंदी को बढ़ावा देने के लिए वहां कई जनसभाएं कर रहे थे।
भाजपा नेता ने कहा, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार यह दावा कर सकते हैं कि उनकी पार्टी ने अन्य राज्यों में आधार बढ़ाया है लेकिन तथ्य यह है कि उत्तर प्रदेश में रालोद जैसी क्षेत्रीय पार्टियों सहित कोई भी उससे गठबंधन नहीं करना चाहती। सुशील ने कहा कि जदयू ने उत्तर प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव में 225 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन इसके सारे उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।