नई दिल्ली: जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक अमानुल्लाह खान का मंगलवार को पाकिस्तान में इंतकाल हो गया। उनके दामाद व नेता सज्जाद लोन ने कहा कि वह अर्से से फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे थे। लोन ने आईएएनएस को बताया, "वह पिछले तीन सप्ताहों से बहुत ज्यादा बीमार थे। मेरी पत्नी अस्मा खान व हमारे बच्चे उनके साथ थे। उनका आज तड़के रावलपिंडी में इंतकाल हो गया।"
अमानुल्लाह का जन्म 24 अगस्त, 1934 को गिलगित में हुआ था और वह पाकिस्तान में रहते थे। उन्होंने 1977 में जेकेएलएफ की स्थापना की। यह भारत व पाकिस्तान दोनों में कश्मीर की आजादी की वकालत करता है। उन्हें मेरिट लिस्ट (राज्य के मुस्लिम छात्रों में अव्वल) में भी जगह मिली थी. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वो एसपी कॉलेज पहुंचे. बाद में अमानुल्लाह ने अमर सिंह कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन 1952 में वो वापस पाकिस्तान चले गए.
कराची के एसएम कॉलेज से 1957 में अमानुल्लाह ने लॉ ग्रेजुएट (विधि स्नातक) की परीक्षा पास की। 1965 में अमानुल्लाह खान को जम्मू-कश्मीर जनमत संग्रह मोर्चे का महासचिव चुना गया। 1976 में अमानुल्लाह खान इंग्लैंड चले गए। मई 1977 में इंग्लैंड में ही उन्होंने अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) की स्थापना की। खान के परिवार में अभी उनकी बेटी असमा हैं।