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शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई आपत्ति नहीं, पर कानून हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा: खट्टर

 Reported By: Bhasha
 Published : Jun 03, 2021 08:54 pm IST,  Updated : Jun 03, 2021 08:54 pm IST

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर कोई आपत्ति नहीं है।

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। Image Source : PTI

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कानून को अपने हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। राज्य में प्रदर्शन कर रहे किसान समूहों ने आरोप लगाया कि जननायक जनता पार्टी के विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने मंगलवार को फतेहाबाद जिले के टोहाना में प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। बबली ने आरोपों से इनकार किया है और प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह पर टोहाना शहर में प्रदर्शन के दौरान उनकी ‘हत्या का प्रयास’ करने का आरोप लगाया है।

‘सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर आपत्ति नहीं’

गुरुवार को किसानों के एक समूह ने बबली के खिलाफ फतेहाबाद में प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका, और मांग की कि विधायक को अपनी ‘टिप्पणियों’ के लिए माफी मांगनी चाहिए। खट्टर ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘डीसी (उपायुक्तों) से कहा गया है कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से कोई प्रदर्शन होता है तो सरकार को उस पर कोई आपत्ति नहीं है।’ वह यहां उपायुक्तों के साथ कोविड स्थिति और इसके प्रबंधन के लिए उठाए गए कदमों पर बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

‘कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’
खट्टर ने कहा, ‘अगर कोई कानून-व्यवस्था को हाथ में लेता है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन मामलों में कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई करने की जरूरत है, डीसी को कहा गया है कि कार्रवाई करने से झिझके नहीं।’ बुधवार को हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने भी कानून हाथ में लेने वालों को चेतावनी दी थी। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बुधवार शाम को टोहाना में बबली के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन वहां तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, छोड़ा
पुलिस ने करीब 25-30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया और जानकारी दी कि प्रदर्शनकारियों को बाद में छोड़ दिया गया। एक किसान नेता ने गुरुवार को फतेहाबाद में संवाददाताओं से कहा कि विधायक ने कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और किसानों को धमकाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद फतेहाबाद पुलिस ने तीन किसान नेताओं को हिरासत में लिया था। उन्होंने कहा कि 5 जून को, किसान राज्य में भाजपा और जजपा के विधायकों और सांसदों के आवास के बाहर ‘काले कानूनों’ की प्रतियां जलाएंगे।

किसानों की मांग, निरस्तो हों तीनों कानून
केंद्र के 3 विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर राज्य के कई किसान समूह बीजेपी-जेजेपी नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि तीनों कानूनों को निरस्त किया जाए। गुरुवार को किसानों के एक समूह ने प्रदर्शन किया और कैथल में तीतराम चौक के पास राजमार्ग को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। उनकी मांग है कि बबली माफी मांगे या उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।

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