नयी दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सवाल-जवाब से नाराज अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने दोनों पक्षों से कहा कि यह विपक्ष या सरकार का विषय नहीं है बल्कि सदन के संचालन और नियमों का विषय है जिनका पालन किया जाना चाहिए। कांग्रेस, वामदल, तृणमूल सदस्य पेट्रोल, डीजल की कीमतों के विषय को उठाना चाहते थे, हालांकि अध्यक्ष ने इस विषय पर विपक्ष के कुछ दलों के कार्यस्थन के नोटिस को अस्वीकार करते हुए मामले को शून्यकाल में उठाने को कहा। हालांकि, सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे, पी करूणाकरण, सुदीप बंदोपाध्याय ने इस विषय को उठाने पर जोर दिया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार पेट्रोल, डीजल की कीमतों समेत किसी विषय पर चर्चा कराने को तैयार है, अगर अध्यक्ष अनुमति दें, तब प्रश्नकाल के बाद चर्चा कराएं, हमें कोई ऐतराज नहीं है।
हालांकि, कांग्रेस एवं वाम दल सदस्य इस विषय को उठाने की मांग करते रहे। इस पर सुमित्रा महाजन ने कहा, यह आपका :विपक्ष: या उनका :सत्ता पक्ष: का विषय नहीं है। कोई भी इस तरह से कुछ नहीं कह सकता है। यह नियमों का विषय है, नियम मैंने नहीं बनाये हैं, यह आप सबने बनाये है, इनका पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर रोज मेरे मना करने के बावजूद एक घंटा हंगामा करते हैं, जबकि मैं हर सदस्य को बोलने का मौका देती हूं। कुछ लोग कार्यस्थगन नोटिस के जरिये विषय लाने की आदत बना ली है। अध्यक्ष ने कहा कि मैंने कहा कि पोस्टर, बैनर लेकर नहीं आएं, आसन के समीप नहीं आएं, लेकिन आप इसे नहीं सुनते हैं। फिर भी मैं मौका देती हूं। कल पी के श्रीमति टीचर, सुदीप बंदोपाध्याय को मौका दिया, लेकिन क्या यह बात मुझे जतानी पड़ेगी।
कांग्रेस सदस्य हालांकि इससे संतुष्ट नहीं हुए और आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे।
सदन में कांग्रेस सदस्यों ने आसन के समीप आकर प्रधानमंत्री होश में आओ , कारोपोरट राज नहीं चलेगा, अरूणाचल का अपमान नहीं चलेगा के नारे लगाए। सदन में हालांकि उस समय प्रधानमंत्री मौजू नहीं थे। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शोर शराबा कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि यह ठीक नहीं है कि इस तरह से आप आसन के समीप आकर हल्ला गुल्ला कर रहे हैं। कांग्रेस सदस्यों के शोर शराबे के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही चली, सदस्यों ने सवाल पूछे और मंत्रियों ने जवाब दिये।