नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई मंत्रालयों ने उन्हें आवंटित बजट का 25 फ़ीसद हिस्सा तक अभी तक ख़र्च नहीं किया है। मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जिसमें ये बात सामने निकलकर आई है। मोदी ने कहा कि अब तक बजट का 25 फीसदी खर्च हो जाना चाहिए था, जो कई मंत्रालयों ने नहीं किया है। अब अगले तीन महीने में सभी मंत्रालय अपने बजट आवंटन का कम से कम 50 प्रतिशत खर्च करने की तरफ धयान दें।
फंड के समुचित खर्चे की तरफ ध्यान दें
ग़ौरतलब है कि मोदी ने ऐसे समय मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की है जब मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है। सभी मंत्रालय बजट में आवंटित फंड के समुचित खर्चे की तरफ ध्यान दें। उन्होंने अपने सहयोगियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे।
चार घंटे चली समीक्षा बैठक
मंत्रिपरिषद के मंत्रियों के साथ चार घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक का मक़सद यह पता करना था कि क्या बजटीय आवंटन को सही ढंग से खर्च किया जा रहा है। मोदी ने हर मंत्रालय की ओर से लागू की गई योजनाओं की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी।
योजनाओं का फायदा आम लोगों तक पहुंचे
बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, मोदी ने मंत्रियों से कहा कि योजनाओं को इस तरह से तैयार किया जाए कि उसका फायदा आम लोगों तक पहुंच सके। कई मंत्रियों ने बजट के बेहतर से बेहतर उपयोग करने का सुझाव दिया। शीर्ष नौकरशाहों ने 100 से अधिक स्लाइड के माध्यम से पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी।
चुनावी वादा पूरा न करने का आरोप नहीं लगना चाहिये
मोदी का यह विचार था कि सभी आउट ऑफ बॉक्स काम करें, आउट ऑफ बॉक्स आइडिया लाएं। और अपना अपना काम समय पर पूरा करें। चुनाव घोषणापत्र में जिन योजनाओं का जिक्र किया गया है, उन्हें सही भावना के साथ लागू किया जाए ताकि विपक्ष को सरकार पर वादे पूरा नहीं कर पाने का आरोप लगाने का मौका न मिल सके। विभिन्न योजनाओं को लागू करने के बारे में संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि नई योजनाएं लाने की कोई जरूरत नहीं है और वर्तमान योजनाओं में जरूरत के मुताबिक बदलाव लाया जाए।