चंडीगढ़: शेरों शायरी के सरताज नवजोत सिंह सिद्धू आज अलग अंदाज़ में चंडीगढ़ प्रेस क्लब में रूबरू हुए और उन उमड़ते-घुमड़ते सवालों के जवाब दिए जो पंजाब चुनाव से ऐन पहले उठ रहे हैं। आख़िर लंबे सस्पेंस के बाद सिद्धू मीडिया के सामने आए और इस सवाल को बेपर्दा कर दिया कि आख़िर अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी बात क्या नहीं बनी? क्या उनकी तरफ़ से आम आदमी पार्टी में शामिल होने की शर्त सीएम उम्मीदवारी थी? इस सवाल का जवाब भी सिद्धू ने अपने अंदाज़ में दिया।
दरअसल, बीजेपी छोड़ने के बाद इस बात की अटकलें थीं कि सिद्धू आम आदमी पार्टी ज्वॉइन करेंगे और सीएम पद के उम्मीदवार होंगे। ख़बर ये भी आई कि अरविंद केजरीवाल से सिद्धू की मुलाकात भी हुई। आज सिद्धू ने बताया कि केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और उनमें बात क्यों नहीं बनी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिद्धू के 10 दमदार डायलॉग्स-
1. ‘भोली सूरत दिल के खोटे नाम बड़े और दर्शन छोटे’
सिद्धू ने कहा, ‘केजरीवाल कहने लगे कि सिद्धू साहब आप चुनाव मत लड़ो...अपनी पत्नी को लड़ा दो...हम उनको मंत्री बना देंगे...मेरा दोस्त हैरान रह गया...मैंने कहा चुप रह....मैंने केजरीवाल को कहा-सतश्री अकाल’
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पत्नी को कह गए कि मंत्री बना देंगे और मुझे कहने लगे कि आप प्रचार करो....सजावटी चीज बनाकर रखना चाहते थे...चार बार के सांसद को एमएलए के चुनाव के काबिल भी नहीं मानते....आखिर वो (केजरीवाल) इतना असुरक्षित क्यों महसूस कर रहे हैं...? ये मुझे रेस शुरू होने से पहले ही बाहर रखना चाहते थे...मुझे एक गाना याद आ गया....भोली सूरत दिल के खोटे नाम बड़े और दर्शन छोटे...
2. बरकत क्यों नहीं आती...तुम्हारी नीयत में खराबी
सिद्धू ने कहा, ‘तुम किसी को इकट्ठे कैसे करोगे, तुम तो सब अकेले-अकेले करना चाहते हो...तुम्हें यसमैन चाहिए...तुम लोकतंत्र के चोले में अराजक हो...’ इसके बाद सिद्धू ने यह शेर बोला..बरकत क्यों नहीं आती...तुम्हारी नीयत में खराबी है।
3. ये मौसम बदलना चाहिए...जो चेहरे बदलते हैं नकाबों की तरह
मुझे किसी ने कहा कि कोई ईस्ट ईंडिया कंपनी आई थी अपने यहां...मैंने कहा हां आई थी...फिर बोला कि फिर सेंट्रल इंडिया कंपनी आई...वो बोला कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने चालीस हजार सिपाही लाकर चालीस करोड़ हिंदुस्तानियों को बांटकर राज किया...तो सेंट्रल इंडिया कंपनी ने 42 दिल्लीवाले भेजकर पंजाबियों को बांटकर राज किया...तो फर्क क्या है...मैंने कहा भई कोई फर्क नहीं... और फिर ये शेर कहा...’ये मौसम बदलना चाहिए...जो चेहरे बदलते हैं नकाबों की तरह’
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