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गिरफ्तार 'भारतीय जासूस' के बयान को भारत ने किया खारिज

 Written By: Bhasha
 Published : Mar 30, 2016 08:20 am IST,  Updated : Mar 30, 2016 08:31 am IST

पाकिस्तान सेना ने गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी की बलूचिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के कथित इकबालिया बयान वाला आज एक वीडियो जारी किया। हालांकि, भारत ने इसे खारिज कर दिया।

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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच मंगलवार को तब वाकयुद्ध शुरू हो गया जब पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने देश के इशारे पर बलूचिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने का कथित इकबालिया बयान देने का दावा किया। हालांकि, भारत ने इस आरोप को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि हो सकता है कि उन्हें ईरान से अपह्त कर लिया गया हो। भारत ने साथ ही पाकिस्तान से भारतीय नागरिक को दूतावास तक पहुंच मुहैया कराने की मांग की है।

इससे पहले पाकिस्तान सेना ने गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसेना के एक पूर्व अधिकारी की बलूचिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के कथित इकबालिया बयान वाला एक वीडियो जारी किया। हालांकि, भारत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर से जुबानी जंग छिड़ गई है। पाकिस्तान सेना के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस :आईएसपीआर: के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा और संघीय सूचना मंत्री परवेज राशिद ने वीडियो जारी करने के लिए इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन किया।

उन्होंने बताया कि कुलभूषण ने अशांत बलूचिस्तान प्रांत में संकट पैदा करने को लेकर भारतीय गुप्चतर एजेंसी रॉ के लिए काम करने की बात कबूल की है। यादव को हाल ही में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था जिसने उन्हें भारतीय नौसेना का एक अधिकारी बताया है।

हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नौसेना से समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने के बाद से उनका सरकार से कोई संबंध नहीं है। लेकिन बाजवा ने दावा किया कि यादव अब भी सेवारत अधिकारी हैं जो 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इधर, नयी दिल्ली में आधिकारिक सूत्रांे ने कथित इकबालिया बयान को हास्यास्पद करार दिया और कहा कि अपने घर में फले फूले आतंकवाद की समस्या से ध्यान भटकाने के लिए यह पाकिस्तान की दुष्प्रचार भरी साजिश है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि यादव को दूतावास मदद नहीं मुहैया करायी गयी जबकि इसके लिए अनुरोध किया गया था और आरोप लगाया कि वीडियो का रिलीज किया जाना पठानकोट आतंकी हमले की जांच से ध्यान भटकाने की कोशिश करना है। यादव के मामले का जिक्र करते हुए बाजवा ने भारत पर पाकिस्तान में राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में भारत की दखलंदाजी का इससे साफ सबूत नहीं हो सकता।

पाकिस्तान का दावा है कि यादव ने ईरान के चाबहार में एक छोटा कारोबार खड़ा किया और कराची तथा बलूचिस्तान में पाक विरोधी गतिविधियों को निर्देशित किया। बाजवा ने राशिद के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, उसने इस्लाम अपना लिया और कबाड़ कारोबारी :स्क्रैप डीलर: के रूप में गदानी में काम कर रहा था।

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