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पलानीस्वामी को राज्यपाल ने मिलने के लिए बुलाया, बन सकते हैं तमिलनाडु के CM

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 16, 2017 11:07 am IST,  Updated : Feb 16, 2017 11:07 am IST

नई दिल्ली: तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण को लेकर सबकी निगाहें अब राज्यपाल सी विद्यासागर राव पर टिकी हैं। पलानीस्वामी को गवर्नर ने आज मुलाकात के लिए बुलाया है। उनके साथ चार एमएलए

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palaniswami Image Source : PTI

नई दिल्ली: तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण को लेकर सबकी निगाहें अब राज्यपाल सी विद्यासागर राव पर टिकी हैं। पलानीस्वामी को गवर्नर ने आज मुलाकात के लिए बुलाया है। उनके साथ चार एमएलए भी होंगे।

इससे पहले इदापड्डी के पलानीस्वामी और उनके विरोधी ओ पनीरसेल्वम दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने साथ अन्नाद्रमुक विधायकों का समर्थन होने की बात कही। अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता पलानीस्वामी ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने बुधवार शाम फिर राज्यपाल से मुलाकात कर अपने खेमे में पार्टी के 134 में से 124 विधायकों के समर्थन की बात कही। तमिलनाडु विधानसभा में 234 विधायक हैं।

पनीरसेल्वम ने भी कल राज्यपाल से मुलाकात कर बहुमत का दावा किया और बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने की मांग की। पनीरसेल्वम के खेमे का दावा है कि अन्नाद्रमुक विधायकों को उनकी मर्जी के खिलाफ चेन्नई के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में रखा गया है। पालानीस्वामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है। राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, हमनें राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीस्वामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है। राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी।

उन्होंने कहा, हमनें राज्यपाल को बताया कि पलानीस्वामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी। उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्तिपरीक्षण कराना है।

राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था। कल उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा। इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गयीं। इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रहीं।

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