नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पदों पर बैठे लोग अशिष्ट नहीं हो सकते और उन्हें अभद्रता करने का कोई अधिकार नहीं मिला है। जेटली ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने प्रधानमंत्री तथा अन्य लोगों के बारे में जिस भाषा का इस्तेमाल किया, अगर भारत सरकार में कोई ऐसी भाषा बोलता तो देशभर में गुस्सा फूट जाता। दरअसल अपने प्रिंसिपल सेक्रेट्री के दफ्तर पर पड़े छापे से नाराज़ केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया था।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना हमला तेज करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कल कहा था कि अगर वह उनकी जगह होते तो वित्त मंत्री अरूण जेटली को तत्काल हटा चुके होते। दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितताओं को लेकर ताजा हमला करते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया था, अगर मैं श्री नरेंद्र मोदी जी की जगह होता तो जेटली जी को तत्काल हटा देता।
प्रधानमंत्री के साथ ही भाजपा ने जेटली का समर्थन किया है। जेटली के प्रति मजबूत एकजुटता दिखाते हुए मोदी ने कहा था कि कांग्रेस फर्जी आरोप लगा रही है और जेटली उसी तरह बेदाग साबित होंगे, जैसे लालकृष्ण आडवाणी हवाला मामले में हुए थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि खेल संगठन राजनीति से मुक्त होने चाहिए और पेशेवरों के पास इसका नियंत्रण होना चाहिए। केजरीवाल ने ट्वीट किया था, खेल संगठन में राजनीति नहीं होनी चाहिए। पेशेवरों के पास खेल का नियंत्रण देना चाहिए।