नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी की तुलना 'मृत्यु' से करते हुए कहा कि जिस तरह किसी की मौत के लिए कभी मृत्यु बदनाम नहीं होती, ठीक वही हाल कांग्रेस का है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मृत्यु वरदान है..उसकी कभी आलोचना नहीं होती..कोई भी व्यक्ति मृत्यु की आलोचना नहीं करता। लोग कहते हैं कि कोई कैंसर से मरा तो कोई उम्रदराज होने के कारण। कैंसर व अधिक आयु पर आरोप लगता है, लेकिन मृत्यु पर नहीं।"
मोदी ने कहा, "कभी-कभी मुझे लगता है कि कांग्रेस को भी कुछ ऐसा ही वरदान (मौत जैसा) प्राप्त है..जब कभी हम कांग्रेस की आलोचना करते हैं, मीडिया कहती है कि विपक्ष पर हमला हुआ है। लेकिन जब सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल (युनाइटेड) या बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर हमला करती है, तो मीडिया कहती है, जद (यू) या बसपा पर हमला किया गया।"
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने वर्तमान सत्र में सहयोग के लिए सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले सत्र से अलग बजट सत्र के दौरान कार्यवाही सुचारु रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा केवल राष्ट्रपति के अभिभाषण के सकारात्मक प्रभाव की बदौलत हो रहा है, जिसमें उन्होंने सभी सांसदों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की थी।
मोदी ने अपनी सरकार द्वारा किसानों की आय को पांच साल में दोगुनी करने के महत्वाकांक्षी वादे का बुधवार को बचाव किया, जिसपर विपक्ष ने संदेह जताया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "किसानों की आय दोगुनी करना निश्चित तौर पर संभव है।"
उन्होंने कहा, मैं मनमोहन सिंह जैसा अर्थशास्त्री नहीं हूं और यही कारण है कि मेरे पास उनके जैसा ज्ञान नहीं है। लेकिन मैंने किसानों के साथ काम किया है और मुझे कुछ चीजों की जानकारी है।" उन्होंने कहा कि यदि किसान नवीन कृषि तकनीकों का उपयोग करें व अपना उत्पादन बढ़ाएं तो उनकी महत्वाकांक्षी योजना संभव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के कृषि क्षेत्रों में मिट्टी के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, जो उत्पादन को बढ़ाएगा और किसानों की आय बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें मूल्य संवर्धन की दिशा में काम करना चाहिए। हमने कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर जोर दिया है।"