नई दिल्ली: पीएम मोदी रविवार को बलिया में मई दिवस पर महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन वितरित करेंगे। इसे उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव के लिये भाजपा का शंखनाद भी माना जा रहा है। यह दिलचस्प है कि बलिया हर बार मोदी के लिये भाग्यशाली रहा है और राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो उन्होंने विकासात्मक के साथ-साथ राजनीतिक मकसद के लिये इस बार भी बलिया को ही चुना है। कहना गलत नहीं होगा कि मोदी का यह दौरा भाजपा के लिये विधानसभा चुनाव का औपचारिक शंखनाद होगा।
भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूर्वांचल के खासकर गरीब तबकों में उत्साह है कि अब उनके घर की रसोई भी धुआंमुक्त होगी। यह जाहिर है कि केन्द्र सरकार के अच्े कामों का फायदा प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को ही होगा। यह एक संयोग ही है कि सितम्बर 2001 में मोदी ने बलिया का दौरा किया था और एक ही सप्ताह बाद ही वह अप्रत्याशित रूप से गुजरात के मुख्यमंत्री बनाये गये थे। इसके अलावा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में अपने प्रचार अभियान का समापन भी उन्होंने बलिया में ही किया था और वह देश के प्रधानमंत्री बन गये।
राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अभी करीब 10 माह बाकी हैं लेकिन आगामी 19 मई को पश्चिम बंगाल और असम समेत कई विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा अपना पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश पर लगायेगी। इसके लिये उसे एक ठोस शुरुआत की जरूरत थी जो मोदी बलिया में उज्ज्वला योजना के जरिये मुहैया कराएंगे। अब देखना यह है कि बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत करने से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की सम्भावनाएं कितनी रोशन होती हैं।
मोदी के बलिया दौरे में राजनीतिक महत्व का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रधानमंत्री के दौरे के अगले ही दिन बलिया पहुंच रहे हैं। सपा इस बार गांव-गांव अखिलेश के नारे के साथ विधानसभा चुनाव लड़ रही है और इसी क्रम में मुख्यमंत्री अपने इस दौरे पर बसन्तपुर में यूनिवर्सिटी व स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। मोदी जहॉं गरीबों को साधने की जुगत में है तो सपा सीएम के दौरे के तहत विकास के मोर्चे पर भाजपा की घेराबन्दी करेगी। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री राम गोविन्द चौधरी कहते हैं कि मोदी का विकास का दूत और गरीबों का हितैषी होने का दावा लावा मात्र है और वह बलिया का सिर्फ सियासी इस्तेमाल करने के लिये आ रहे हैं। विकास से सिर्फ सपा सरकार का ही सरोकार है।
तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि मोदी के राजनैतिक उभार में भले ही बलिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही हो लेकिन बागियों की धरती के बाशिन्दे प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के इस पहले दौरे से खास उत्साहित नहीं हैं। खास तौर पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के अनुयायी और शहीद मंगल पांडेय के पैतृक ग्राम के बाशिंदों को मोदी से कोई खास उम्मीद नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम शहीद मंगल पांडेय के पैतृक ग्राम नगवा में उनकी स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाने को लेकर गठित मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष के. के. पाठक कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में मोदी ने जब बलिया में अपने चुनावी अभियान का समापन करते हुए मंगल पांडेय का जिस तरह गुणगान किया था तो उम्मीद जगी थी कि वह मंगल पांडेय की याद में कु करेंगे, मगर उन्होंने एक ट्वीट को जोड़कर अब तक कु नहीं किया है।