नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में आज शायराना अंदाज़ में दिखे और हाल के राजनीतिक घटनाक्रम का पूरा निचोड़ सामने रख दिया। पीएम मोदी ने आज राज्य सभा में भाषण दिया। ये वही जगह है जहां सरकार कई बार असहज हुई है लेकिन मोदी ने आज विरोधियों पर चुन-चुनकर निशाना साधा। अंदाज शायराना लेकिन हमले सियासी। अक्सर विरोधियों पर करारा प्रहार करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अलग मिज़ाज में थे। उन्होंने संसद में मशहूर शायर निदा फाजली के शेर पढ़े और कांग्रेस पर तंज़ का हथियार बनी ये मशहूर गज़ल-
सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो
यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता
मुझे गिराके अगर तुम संभल सको तो चलो
यही है ज़िन्दगी कुछ ख़्वाब चन्द उम्मीदें
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो

यूं तो पीएम राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे लेकिन जुबानी तीर कांग्रेस की तरफ चल रहे थे। सबसे तीखा वार तब हुआ जब पीएम ने बदनाम मृत्यु की तुलना कांग्रेस के वरदान से कर दी। उन्होंने कहा, 'मृत्यु को एक ऐसा वरदान है कि मृत्यु कभी बदनाम नहीं होती, कभी मृत्यु पर आरोप नहीं लगते। कोई मरे तो कहते हैं कि कैंसर से मरता है, तो आरोप कैंसर पर लगता है, मृत्यु पर नहीं। कोई बड़ी उम्र में मरता है तो कहते हैं कि बड़ी आयु से मरा है। मृत्यु कभी बदनाम नहीं होती। कभी-कभी मुझे लगता है कि कांग्रेस के पास भी ऐसा ही वरदान है। कहा जाता है कि विपक्ष पर हमला हो रहा है लेकिन ये नहीं कहा जाता कि कांग्रेस पर हमला हो रहा है।'
आगे उन्होंने कहा, 'हम अगर शरद जी के खिलाफ कुछ कहें मायावती जी के खिलाफ कुछ कहें तो अखबार में आएगा बीएसपी पर हमला, जेडीयू पर हमला कहते हैं लेकिन कांग्रेस की बात हो तो विपक्ष पर हमला कहा जाता है। कांग्रेस को कभी बदनामी नहीं मिलती ये अपने आप में गजब का विज्ञान है।'