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Punjab Election 2017: निम्न स्तर के चुनावी जुमलों की बहार

 Written By: IANS
 Published : Jan 28, 2017 10:56 am IST,  Updated : Jan 28, 2017 10:56 am IST

चंडीगढ़: 'दुष्ट', 'कुटांगा' (मारूंगा), 'लुटेरे', 'टोपी वाला' (आम आदमी पार्टी के लिए), 'मीसाना' (धोखेबाज) जैसे शब्द आजकल पंजाब की चुनावी हवा में तैरते महसूस किए जा रहे हैं। राज्य में 4 फरवरी को होने वाले

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Punjab Election 2017

चंडीगढ़: 'दुष्ट', 'कुटांगा' (मारूंगा), 'लुटेरे', 'टोपी वाला' (आम आदमी पार्टी के लिए), 'मीसाना' (धोखेबाज) जैसे शब्द आजकल पंजाब की चुनावी हवा में तैरते महसूस किए जा रहे हैं। राज्य में 4 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान राजनीतिक नेता पार्टी लाइन के पार जाकर एक दूसरे के खिलाफ खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन, विपक्षी कांग्रेस और नई आम आदमी पार्टी के प्रवेश के साथ पंजाब की प्राय: सभी 117 विधानसभा सीटों पर त्रिकोणात्मक संघर्ष हो रहा है और जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मी तेज हो रही है, राजनीतिक नेता निम्न स्तर की चुनावी शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं।

साल 2007 से प्रदेश की सत्ता पर काबिज अकाली-भाजपा गठबंधन का इस चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है।

निम्न स्तर की शब्दावली के इस्तेमाल के मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह सबसे आगे हैं।

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ मुक्तसर जिले में उनकी पारंपरिक सीट लंबी से चुनाव लड़ रहे अमरिंदर ने हाल ही में शपथ ली कि वह 'दुष्ट' बादल को लंबी में बुरी तरह पराजित करेंगे।

अमरिंदर ने अपनी एक राजनीतिक सभा में लोगों की तालियों की गडगड़ाहट के बीच कहा, "बाबे नूं लंबी बीच कुटांगा। (मैं बुजुर्ग व्यक्ति को लंबी में बुरी तरह पटखनी दूंगा)।"

अमरिंदर (75) बोलने के दौरान देश के सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के लिए बहुत कम सम्मान दिखाते हैं।

अमरिंदर ने अपने भाषण के दौरान जो अन्य शब्द इस्तेमाल किए, उनमें बादल परिवार के लिए 'लुटेरे' और आम आदमी पार्टी के संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए 'झूठा', 'टोपी वाला' और 'मीसाना' थे।

यह पहली बार नहीं है कि अमरिंदर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

साल 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस के विद्रोही उम्मीदवारों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वे मुकाबला से नहीं हटेंगे तो कत्ल-ए-आम होगा।

कांग्रेस की नई खोज क्रिकेटर से राजनीतिक नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब चलाने के लिए बादल परिवार के खिलाफ सारी बंदूकें निकाल ली हैं। विगत 13 साल में शायद ही राज्य में दिखने वाला यह पंजाब का 'रक्षक' चुनाव से पहले मात्र पंद्रह दिनों में 'पंजाब बचाने' की उम्मीद कर रहे हैं।

सिद्धू जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में थे, तब साल 2012 के विधानसभा चुनावों में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 'पप्पू' और 'अनर्थशास्त्री' कहकर संबोधित किया था। सिद्धू अब उसी कांग्रेस का हिस्सा हैं।

पटियाला शहर सीट से अमरिंदर सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहे पूर्व सेनाध्यक्ष और अरुणाचल के पूर्व राज्यपाल जे.जे. सिंह हाल में एक वीडियों में कैद किए गए हैं, जिसमें वह अकाली नेताओं को कमर के नीचे वार करने की सलाह दे रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री और सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल भी अमरिंदर और सिद्धू के खिलाफ उनकी उम्र की लिहाज किए बिना आग उगल रही हैं।

वह लोगों से कह रही हैं, "पंजाब हंसी मजाक के कार्यक्रम का मंच नहीं है जहां सिद्धू बड़े और झूठे वादे कर सकते हैं।"

सुखबीर बादल ने सिद्धू को कांग्रेस के 'वेतनभोगी कर्मचारी' के रूप में संबोधित किया।

भाजपा छोड़कर सिद्धू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अकाली और भाजपा 'अपनी मां बदलने के लिए' उनकी निंदा कर रहे हैं।

उधर, आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक गुरप्रीत सिंह मान ने बादल से अमीर बनने की तरकीबें मांगकर उनकी खिल्ली उड़ाई।

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