महोबा: बुंदेलखंड के सूखे का हाल जानने निकले कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हैदराबाद विश्वविद्यालय की घटना का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के शिक्षण सस्थानों में आम छात्रों की सोच को दबाकर एक अलग तरह की सोच यानी 'आरएसएस की सोच' थोपने की कोशिश की जा रही है। महोबा जिले में पावा चौराहे से लाड़पुर तक की पदयात्रा के दौरान शनिवार को राहुल गांधी ने सवाददाताओं से कहा कि हैदराबाद में जो हो रहा है, उसे इनटॉलरेंस (असहिष्णुता) कहें या एक सोच को थोपने की कोशिश? राहुल गांधी ने मांग की कि हैदराबाद में कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की सोच को दबाने की कोशिश हो रही है और एक सोच (आरएसएस) को थोपने की कोशिश की जा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति भी इसी सोच के लिए काम कर रहे हैं। राहुल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब लोगों को बातों से बहलाना बंद करना चाहिए और काम की शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हैदराबाद की घटना पर मुझे दुख हुआ और आंसू आए, मगर वहां का कुलपति अब भी बैठ हुआ है, उस पर कार्रवाई की जाए। सत्ता में बैठे लोग आंसू बहाने की जगह एक्शन लें।"
अपने पिछले बुंदेलखंड दौरे का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में वह यहां आए थे, तो इस क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज मंजूर किया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने इस क्षेत्र के कई दौरे किए थे, उनसे उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह गरीब, किसान, मजदूर की मदद के लिए काम करेंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ। मोदी प्रधानमंत्री बनते ही सबको भूल गए।