नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहे जाने के एक दिन बाद, पार्टी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक भोजनावकाश से पहले बार बार बाधित हुई तथा तीन बार के स्थगन के बाद इसे दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि इस मामले से उसका कोई लेना देना नहीं है तथा कांग्रेस सदस्य यह हंगामा कर न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
सुबह बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य आसन के समक्ष आ गए और सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच ही उप सभापति पी जे कुरियन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने सदस्यों से हंगामा बंद कर अपने स्थानों पर लौट कर अपनी बात कहने को कहा। उन्होंने कहा हंगामा करने के बजाय मुझे बताएं कि आप लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उनकी समस्या अदालत के फैसले को लेकर है, सरकार को लेकर नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और कानून के अनुसार काम करना चाहिए।
कुरियन ने कहा कम से कम आसन को तो पता होना चाहिए कि आपकी नाराजगी का कारण क्या है। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद कुछ कहना चाहेंगे। बहरहाल, आजाद ने कुछ नहीं कहा। हंगामा थमते न देख कुरियन ने 11 बज कर करीब 10 मिनट पर बैठक 11 बज कर तीस मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।