नई दिल्ली: अंबेडकर जयंती के मौके पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने खिलाफ ‘साजिश’ रचने का आरोप मढ़ते हुए आज स्पष्ट संकेत दिये कि भाजपा विरोधी दलों से हाथ मिलाने में उन्हें परहेज नहीं है। साथ ही छोटे भाई आनंद कुमार को बसपा उपाध्यक्ष बनाने का ऐलान किया। इस दौरान मायावती ने लिखे हुए भाषण को पढऩे के रहस्य से भी पर्दा उठाया।(भारत का एक गांव जहां 5 दिनों तक निर्वस्त्र रहती हैं शादीशुदा महिलाएं!)
उन्होंने अपने लिखित भाषण देने के संबंध में कहा कि डॉक्टरों ने मुझे जोर से बोलने से मना किया है। उन्होंने कहा कि मौखिक भाषण दूं तो जोर से बोलना पडता है लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है क्योंकि वर्ष 1996 में कुछ कमियों की वजह से मेरा एक ग्लैण्ड पूरी तरह से खराब हो गया था और डाक्टरों ने आपरेशन से उसे निकाला। आपको बता दें कि विरोधी दल उनके लिखित भाषण पढ़ने को लेकर कई बार तंज कस चुके हैं।
इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर वर्ष 2014 के लोकसभा और वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) की गड़बड़ी करने का आरोप मढ़ते हुए उन्होंने कहा, ‘देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए मैं कदम पीछे खींचने वाली नहीं हूं। हमारी पार्टी भाजपा द्वारा ईवीएम की गड़बड़ी के खिलाफ बराबर संघर्ष करेगी और इसके लिए भाजपा विरोधी दलों से भी हाथ मिलाना पड़ा तो अब उनके साथ भी हाथ मिलाने में परहेज नहीं है।’उन्होंने कहा कि पार्टी आंदोलन के हित में ‘जहर को जहर से मारने’ के आधार पर चलकर ईवीएम की गड़बड़ी को रोकना बहुत जरूरी है।
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