नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। हुर्रियत और कश्मीर के मुद्दे पर मोदी सरकार के यू-टर्न से नाराज शिवसेना ने उसे गिरगिट करार दिया और कहा कि गिरगिट कैसे और कितनी बार रंग बदलता है ये अब नेताओं से सीखना चाहिए। हुर्रियत मामले में सरकार जिस तरह रंग बदल रही है उससे गिरगिट को भी शर्म आ जाए।
सामना ने लिखा है कि हुर्रियत और कश्मीर के मामले में जिस प्रकार की पलटी केंद्र सरकार ने मारी है वैसी पलटी अगर कांग्रेस के नेताओं ने मारी होती तो बीजेपी व संघ कांग्रेस को पाकिस्तान का एजेंट ठहरा देते। कांग्रेसी नेता कश्मीर पाकिस्तान को बेच देंगे और ऐसे देशद्रोहियों को सत्ता से हटा देना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा होता। शायद इस मुद्दे पर संसद का काम अनिश्चितकाल तक रुकवा देते और कहा होता कि यह सब राष्ट्रहित व राष्ट्रिय सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। लेकिन पाकनिष्ठ और हिन्दुस्तानद्रोही साबित हो चुके हुर्रियत को अपनी गोद में बिठाकर उनका लाड दिल्लीश्वर कर रहे हैं।
पीडीपी के साथ यदि कांग्रेस ने सरकार बनाई होती तो अफजलगुरु को स्वतंत्रता सेनानी मानने वालों के साथ गृहस्थी बसाई ऐसा कहा जाता। लेकिन अब अफजलगुरु स्वंत्रता सेनानी है या अलगाववादी ? इसपर सभी गूंगे बहरे बने बैठे हैं।
- हुर्रियत मामले पर सामना में केंद्र सरकार पर हमला।
- केंद्र सरकार को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाला बताया।
- गिरगिट कैसे और कितनी बार रंग बदलता है ये अब नेताओं से सीखना चाहिए।
- हुर्रियत और कश्मीर मामले पर केंद्र सरकार ने जैसी पलटी मारी है वैसी अगर कांग्रेस मारती तो उसे पाकिस्तान का एजेंट ठहरा देते। संसद का काम अनिश्चितकाल के लिए रुकवा देते।
- लेकिन केंद्र सरकार पाकनिष्ठ और देशद्रोही साबित हो चुके हुर्रियत को अपनी गोद में बैठाकर उनका लाड कर रहे है।
- कश्मीर छोड़कर अन्य मामलों पर पाकिस्तान से चर्चा करेंगे कल तक ऐसा मोदी कहते थे। अब उनकी भूमिका बदल गयी है जैसा बेबकूफ़ाना काम कांग्रेस ने भी नहीं किया वो वर्तमान सरकार ने की है।
- हुर्रियत अब कश्मीर मामले पर पाकिस्तान से चर्चा करेगा ऐसी सुबिधा उन्हें दे दी है। सच कहें तो ऐसी भूमिका पर देश को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
- पाक से हमदर्दी रखने वाली और आतंकियों को बल देने वाली पीडीपी से सत्ता के लिए भाजपा ने घर बसाया पर अब कश्मीर मसले पर उनकी मारी पलटी जनता के सामने आ चुकी है।
- यही अगर कांग्रेस करती तो उसे अफजल गुरु को स्वतंत्रता सेनानी मानने वालो के साथ घर बसाया ऐसा कहा जाता। मगर अब अफजल गुरु आतंकी है या स्वतंत्रता सेनानी?
- हुर्रियत के साथ कौनसा गुप्त करार हुआ है इसका खुलासा होना चाहिए। ये तो ऐसी पलटी है जैसे कल को राम मंदिर वाली जगह को बाबरी मान लेना।
- कल मसूद अजहर, लखवी और दाऊद जैसों से भी कश्मीर पर चर्चा होगी।
- गिरगिट भी शरमा जाए जब ऐसा रंग बदला जाता है। यह सब उन्हें कैसे जमता है बाबा।