लखनऊ: पार्टी और कैबिनेट से नाटकीय ढंग के साथ दिए गए अपने इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने अपने समर्थकों से कहा है कि वह पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के साथ हैं। मुलायम सिंह यादव का अपने भाई और बेटे अखिलेश के बीच सुलह करने का प्रयास अब तक व्यर्थ साबित हुआ है।
यहां अपने सात, कालीदास मार्ग स्थित आवास पर नारेबाजी कर रहे समर्थकों को संबोधित करते हुये शिवपाल ने कहा, हम सभी को समाजवादी पार्टी को मजबूत करना है। हम नेताजी :मुलायम: के साथ हैं। उनका संदेश हमारे लिए एक आदेश है। हम पार्टी को कमजोर नहीं होने देंगे। हर परिस्थिति में हम नेताजी के साथ हैं।
सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और भतीजे अखिलेश यादव के कैबिनेट में मंत्री के पद से शिवपाल के इस्तीफे के बाद कल रात से ही पार्टी के आक्रोशित कार्यकर्ता उनके समर्थन में एकतत्र हो गए थे। शिवपाल ने इन आक्रोशित कार्यकर्ताओं से कहा, आपको पार्टी कार्यालय जाना चाहिए। हमें शांति से अपना संदेश नेताजी को देना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश और शिवपाल के बीच गंभीर सार्वजनिक टकराव के गहरा जाने के बाद मुलायम कल शाम दिल्ली से यहां पहुंचे थे। उन्होंने दोनों नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की थी लेकिन दोनों के बीच शांति स्थापित नहीं हो सकी। ऐसे में शिवपाल को पार्टी और सरकार में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, शिवपाल की पत्नी सरला ने भी ईटावा में जिला सहकारिता बैंक के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और उनके बेटे आदित्य ने भी प्रादेशिक सहकारिता संघ का अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। हालांकि, उन्होंने बताया कि खबर है कि मुलायम ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इंकार कर दिया है।
ये कारण हैं पार्टी में कलह के
1-यह पूरा विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया था, जब मुलायम द्वारा अखिलेश को पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख पद से हटाकर शिवपाल को नियुक्त कर दिया गया था।
2-इसके कुछ ही घंटे बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 13 सितंबर को शिवपाल से महत्वपूर्ण मंत्रालय छीन लिए थे।
3-मुख्यमंत्री के साथ खड़े नजर आ रहे मुलायम के चचेरे भाई और सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने कल कहा था कि पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद से अखिलेश को हटा कर नेतृत्व ने अंजाने में एक चूक की है। राम गोपाल यादव को मुख्यमंत्री के पक्ष में खड़ा हुआ माना जा रहा है।
4-उन्होंने स्पष्ट रूप से अमर सिंह का संदर्भ देते हुये इस संकट के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया। अमर सिंह कई साल बाद हाल ही में पार्टी में लौटे हैं।
5-इस बीच, कई विधायकों और मंत्रियों ने भी शिवपाल से मुलाकात की। कुछ दिन पहले अखिलेश द्वारा खनन मंत्री के पद से बर्खास्त कर दिये गये गायत्री प्रजापति भी शिवपाल के आवास पर गये। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने भी परिस्थिति का समाधान करने की कोशिश में शिवपाल यादव से मुलाकात की।