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तमिलनाडु में गतिरोध बरकरार, सभी निगाहें राज्यपाल पर

 Written By: IANS
 Published : Feb 10, 2017 08:20 am IST,  Updated : Feb 10, 2017 08:20 am IST

चेन्नई: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्ना द्रमुक में चल रहे आंतरिक कलह के बीच गुरुवार को पार्टी की अंतरिम महासचिव वी. के. शशिकला ने राज्यपाल सी. विद्यासागर राव से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर

Tamil Nadu- India TV Hindi
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चेन्नई: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्ना द्रमुक में चल रहे आंतरिक कलह के बीच गुरुवार को पार्टी की अंतरिम महासचिव वी. के. शशिकला ने राज्यपाल सी. विद्यासागर राव से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। शशिकला के साथ पार्टी के शीर्ष 10 मंत्री भी थे। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि शशिकला ने राव से मुलाकात की और पार्टी विधायकों से मिला समर्थन-पत्र पेश किया।

राजभवन जाने से पहले शशिकला मारीना बीच स्थित पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के समाधि स्थल पहुंचीं। शशिकला ने जयललिता की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और 130 विधायकों के नामों वाली सूची समर्पित की।

उल्लेखनीय है कि 235 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में अन्ना द्रमुक के 134 विधायक हैं। शशिकला को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

इस बीच पार्टी प्रवक्ता के. पांडियाराजन ने कहा, "पार्टी मजबूती से शशिकला के साथ खड़ी है। पार्टी के सांसद और विधायक शशिकला के समर्थन में हैं।" उन्होंने उन दावों को भी खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि शशिकला ने पार्टी विधायकों को होटलों में कैद कर रखा है।

इससे पहले, राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल से मिलने के बाद पन्नीरसेल्वम ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को राज्य के घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है और 'न्याय की जीत होगी।'

उल्लेखनीय है कि रविवार को हुई पार्टी की बैठक में शशिकला को पार्टी के विधायक दल का नेता चुन लिया गया था और इस तरह उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया था। इसके बाद पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पन्नीरसेल्वम ने दो दिन बाद ही मंगलवार को कहा कि उनसे जबरन इस्तीफा लिया गया।

पन्नीरसेल्वम के बगावती तेवर अपनाने के अगले दिन बुधवार को उन्हें पार्टी के कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया। हालांकि कुछ पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतरिम महासचिव को पार्टी के किसी अधिकारी को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।

पार्टी के प्रेसीडियम चेयरमैन ई. मधुसूदनन गुरुवार को इससे पहले, पन्नीरसेल्वम के आवास पहुंचे और अपना समर्थन जताया। पन्नीरसेल्वम ने कहा है कि वह विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश करेंगे।

इस बीच प्रमुख विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) की उप महासचिव और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री सुब्बालक्ष्मी जगदीशन ने जरूरत पड़ने पर पन्नीरसेल्वम गुट को बिना शर्त समर्थन देने की बात कही है। हालांकि द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने सुब्बालक्ष्मी के बयान से पार्टी को अलग कर लिया है।

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