निर्दलीय विधायकों की खरीद फ़रोख़्त रोकने के लिए कांग्रेस 11 निर्दलीय विधायकों को मुम्बई ले गयी है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के 3 विधायकों को इन निर्दलीय विधायकों की देखभाल की जिम्मेदारी दी गयी है। राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 11 जून को चुनाव होना है और एक राज्य सभा सांसद के लिए 45 विधायकों के वोट की जरूरत है।
कांग्रेस के पास 123 विधायक हैं। उसके 2 उम्मीदवार जयराम रमेश और ऑस्कर फर्नांडिस का चुनाव तय है लेकिन तीसरे उम्मीदवार के.सी. राममूर्ति को लेकर मामला फंस गया है। तीसरे उम्मीदवार के लिए कांग्रेस के पास अपने 33 मत हैं लेकिन 12 वोटों के लिए उसे निर्दलीय विधायकों के समर्थन की ज़रुरत है।
जनता दल एस ने राज्यसभा की सीट के लिए उद्योगपति एम.ए. फ़ारूख़ से परचा भरवाया है। जनता दल एस के पास 40 विधायक हैं लेकिन इनमें से 5 विधायकों ने बगावत कर दी है और खुले आम कह दिया है कि वो कांग्रेस उम्मीदवार राममूर्ति का समर्थन करेंगे। ऐसे में JDS को अपना उम्मीदवार जिताने के लिए कम से कम 10 विधायकों का समर्थन चाहिए और इसके लिए JDS निर्दलीय विधायकों के समर्थन की उम्मीद लगाए बैठी है। यही वजह है कांग्रेस और जनता दल एस के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है।
जहाँ तक बीजेपी की बात है उसने निर्मला सीतारामन को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी के पास 44 विधायक हैं और उनके सहयोगी दल के पास 2 विधायक हैं ऐसे में बीजेपी उम्मीदवार के चयन को लेकर कोई मुश्किल नहीं दिख रही है।