अमेठी: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के तहत रायबरेली की दसों सीट पर कांग्रेस ही चुनाव लड़ेगी और सपा ने जिन सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, उन्हें वापस लेगी। यह बात चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. संजय सिंह ने कही।
उन्होंने कहा, "सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हमें आश्वासन दिया है कि वह चुनाव में अमेठी और रायबरेली की दसों सीट कांग्रेस के लिए छोड़देंगे।"
शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सीटों पर से जल्द ही सपा अपने उम्मीदवारों के नाम वापस लेगी।
चर्चा है कि अमेठी और रायबरेली की दसों सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने का सपा से आग्रह प्रियंका गांधी ने किया है।
भाजपा पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती है, लेकिन कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को टिकट देने में गुरेज नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों को टिकट देकर वह कांग्रेस मुक्त भारत का सपना कैसे पूरा करेगी?
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितना हथकंडा अपना ले, जितना धन और बल का इस्तेमाल करले, लेकिन उप्र में उसकी सरकार नहीं बन पाएगी और 2019 में नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे।
जानकारों की मानें तो जल्द सपा की ओर से अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्र की सीटें कांग्रेस को सौंपने का एलान किया जा सकता है।
गठबंधन को लेकर मतदाताओं में किसी तरह का नकारात्मक संदेश न जाए, इसके मद्देनजर सपा दोनों क्षेत्रों में अपनी सिटिंग सीटें भी कांग्रेस को देने के लिए राजी हुई है।
सपा और कांग्रेस के बीच चुनावी गठबंधन का एलान होने के बावजूद अमेठी और रायबरेली की 10 सीटों को लेकर गतिरोध बना था। कांग्रेस आलाकमान ने अमेठी और रायबरेली में अपनी सियासी पकड़ बनाए रखने के लिए समझौते में सभी 10 सीटों पर दावा किया था।