यूपी में पहले चरण के चुनाव में अभी 12 दिन बाक़ी हैं लेकिन अभी से नेता बेलगाम हो गए हैं। कोई कर्फ़्यू लगाने की धमकी दे रहा है तो कोई मारकाट की। इन बयानों पर इनके समर्थक भी खूब तालियां बजा रहे हैं। थानाभवन से बीजेपी विधायक सुरेश राणा ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यहां तक कह दिया कि वो जीते तो देवबंद में, मुरादाबाद में कर्फ्यू लग जाएगा।
ये पहला मौका नहीं है जब राणा का नाम विवादों में आया है। इसके पहले मुजफ्फरनगर में हुए दंगों में भी राणा का नाम आया आया था। ताजा बयान पर जब विवाद बढ़ा तो सुरेश राणा ने इस पर सफाई भी दी और कहा कि उनका ये बयान यूपी के गुंडे और बदमाशों के लिए है।
सुरेश राणा की तरह पार्टी के सांसद और केंद्र में मंत्री संजीव बालियान भी बयानों से ज़हर उगल रहे हैं। बालियान रविवार को मथुरा के छाता में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। जब पत्रकारों ने उनसे मुलायम सिंह पर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने हमेशा सांप्रदायिकता की राजनीति की और मैं उनसे कहना चाहूंगा कि अब तो मरने का समय आ गया, जीने का समय उनका रहा नहीं, समाजवादी पार्टी इसी चुनाव में दफ़न हो जाएगी।
संजीव बालियान ही नहीं इसी पार्टी के दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी भी कुछ कम नहीं हैं। बिधूड़ी ने बालियान से एक कदम और आगे निकलकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बीएसपी प्रमुख मायावती के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। बिधूड़ी ने ये बातें मथुरा के एक जनसभा में कही।
बीएसपी के विधायक हाजी अलीम भी पीछे नहीं हैं। बुलंदशहर की सदर सीट से बीएसपी के बाहुबली विधायक हाजी अलीम का एक धमकी देता वीडियो वायरल हो गया। हाजी अलीम ने समर्थकों की एक सभा में RLD के उम्मीदवार गुड्डू पंडित को चौराहे पर मारने की धमकी दे डाली।
बहरहाल विरोधी पार्टी और नेताओं के लिए अपशब्द और धमकी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तमाम दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश में बदज़ुबानी का सिलसिला जारी है... वोटों की जंग में आचार संहिता का खुलेआम माखौल उड़ाया जा रहा है।