लखनऊ/कैराना: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कैराना से हिन्दुओं के कथित पलायन के मुद्दे को लेकर पश्चिमी उप्र एक बार फिर सियासी मैदान बन गया है। इस मामले पर हिन्दुओं के कथित पलायन की लिस्ट जारी करने वाले सांसद हुकुम सिंह के मना करने के बावजूद बीजेपी विधायक संगीत सोम ने करीब 2000 समर्थकों के साथ अपनी 'निर्भय यात्रा' शुरू की, लेकिन सरधना के 2 किलोमीटर बाद ही यात्रा को रोक दिया गया।
वहीं समाजवादी पार्टी ने भी 'सद्भावना यात्रा' निकाली। लगभग 500 लोगों की इस भीड़ को भी पुलिस ने रोक दिया। वहीं सपा नेता शिवपाल यादव कह रहे हैं कि कैराना से हिन्दुओँ का पलायन हुआ ही नहीं है।
पुलिस से संगीत सोम और उनके समर्थकों की काफी बहस हुई। संगीत सोम ने पलायन किए लोगों की वापसी के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। नहीं तो सड़कों पर उतरने की बात कही है। संगीत सोम की इस यात्रा से बीजेपी ने किनारा कर लिया है। बीजेपी इसे उनकी निजी यात्रा बता रही है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी इस यात्रा से किनारा करते दिखे लेकिन इसके बावजूद संगीत सोम यात्रा पर निकल गए।
जिला प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था को देखते हुए किसी को इस तरह की पदयात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन दो पदयात्राओं को लेकर जिले का सियासी पारा चढ़ गया है। कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह भी संगीत सोम से अपील कर चुके हैं कि वह यात्रा न निकालें, लेकिन संगीत सोम ने यात्रा निकाली।
सोम ने कहा, "'निर्भय यात्रा' समाज के लोगों को भयमुक्त करने और यह दर्शाने के लिए निकाली जा रही है कि भाजपा उनके साथ है। सांसद हुकुम सिंह मेरे आदरणीय हैं और उन्होंने कहा है कि मैं कैराना न पहुंचूं, पर मैं जाऊंगा और यह पदयात्रा निकाली जाएगी। जहां तक अनुमति की बात है तो मैं इस बारे में प्रशासन को लिखित जानकारी दे चुका हूं।"
इधर, सपा छात्रसभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सरधना विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने कहा, "कैराना में कोई मुद्दा नहीं है। केवल चुनावी फायदे के लिए यह सब हुकुम सिंह ने किया है। देशभर से बड़े शहरों के लिए पलायन हो रहा है। कैराना में भी यही हुआ है। बेवजह लोगों में भय बताकर और आपसी भाईचारा को खराब करने के लिए यह माहौल बनाया जा रहा है।"
इस बीच मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी पंकज यादव ने कहा, "पदयात्रा के लिए भाजपा या सपा किसी के भी द्वारा कोई अनुमति नहीं मांगी गई है। जिले में धारा 144 लगी हुई है। सरधना के उपजिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है कि वे दोनों दलों के नेताओं को बता दें कि वे यह यात्रा न निकालें। किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा, माहौल नहीं बिगड़ने देंगे।"