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अखिलेश यादव ने कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से शुरू की PDA यात्रा, एक तीर से साध रहे हैं 3 निशाने!

 Reported By: Ruchi Kumar,  Written By: Vinay Trivedi
 Published : Sep 24, 2026 12:25 pm IST,  Updated : Sep 24, 2026 01:49 pm IST

उत्तर प्रदेश में आज सियासत काफी गर्म है क्योंकि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली से अपने PDA रथ की शुरुआत कर दी है। जानें ऐसा करके अखिलेश यादव कैसे एक तीर से तीन निशाने साथ रहे हैं।

यूपी में सपा-कांग्रेस...- India TV Hindi
यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू। Image Source : AKHILESH YADAV/X

यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। दरअसल, अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से PDA यात्रा का आगाज कर दिया है। कांग्रेस के इस अभेद्य गढ़ से यात्रा शुरू करके अखिलेश यादव ने जहां एक ओर लोधी और पासी वोट बैंक को साधने की रणनीति अपनाई है। दूसरी ओर, कांग्रेस पर सीट बंटवारे को लेकर दवाब बनाने का दांव खेला है।

पिछले और दलित वर्ग के सपा विधायकों के घर जाएंगे अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने पीडीए यात्रा के पहले फेज की शुरुआत रायबरेली के बछरावां से की है। इस दौरान, वे हरचंदपुर के सपा विधायक और ओबीसी नेता राहुल लोधी के घर जाएंगे और उसके साथ ही बछरावां से सपा के एससी वर्ग के विधायक श्याम सुंदर भारती से भी मिलेंगे। दोनों नेताओं से रायबरेली पुलिस पर बदसलूकी का आरोप है। समाजवादी छात्र सभा और ABVP के बीच टकराव के बीच पुलिस से इन नेताओं की झड़प हुई थी, जिसे अखिलेश ने PDA के अपमान से जोड़ा था।

एक तीर से 3 निशाने साथ रहे

आज अखिलेश रथ पर सवार होकर PDA यात्रा पर निकले तो एक तीर से 3 निशाने साधने की कोशिश हुई- पहला जातीय गोलबंदी, दूसरा प्रेशर पॉलिटिक्स और तीसरा चुनाव के लिए पार्टी के कैडर को एक्टिव मोड में लाना। गौरतलब है कि यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव है। राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में अखिलेश के पीडीए रथ पहुंचने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। दूसरी तरफ, अखिलेश यादव लगातार कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी इंडिया गठबंधन रहेगा। गठबंधन के लिए सीटों के नंबर को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बयान आ रहे हैं।

रायबरेली के MP राहुल जरूर लेकिन कांग्रेस का कोई विधायक नहीं

जान लें कि रायबरेली से राहुल गांधी सांसद जरूर हैं, लेकिन 1999 से लगातार ये सीट कांग्रेस के पास है। हालांकि, विधानसभा में कांग्रेस के पास यहां एक भी सीट नहीं है। रायबरेली में 6 विधानसभा सीट हैं जिनमें से 2022 विधानसभा चुनाव में सपा ने चार और बीजेपी ने दो सीट जीती थीं। बीजेपी के टिकट पर रायबरेली सदर से अदिति सिंह और सलोन से बीजपी से अशोक कुमार जीते थे। वहीं, सपा के टिकट पर बछरावां से श्याम सुंदर भारती, हरचंदपुर से राहुल लोधी, सरेनी से देवेंद्र प्रताप सिंह और ऊंचाहार से मनोज पांडेय जीते थे। बाद में मनोज पांडेय बीजेपी में शामिल हो गए।

राजभर ने PDA यात्रा को गुंडागर्दी से जोड़ा

हालांकि, PDA यात्रा पर मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव आज रायबरेली में 'PDA रथ' लेकर आ रहे हैं, ताकि गुंडागर्दी और अपराध को बढ़ावा दिया जा सके। जरा सोचिए कि वहां के जिलाध्यक्ष ने सर्कल ऑफिसर के साथ कितनी बदतमीजी से व्यवहार किया, उन्होंने अफसर से 'चूड़ियां पहनने' को कहा और कई तरह की अभद्र बातें कहीं। अखिलेश यादव वहां उसी व्यवहार को सही ठहराने और अपने जिलाध्यक्ष की हरकत का समर्थन करने जा रहे हैं।

PDA के 'P' और 'D' को साधने की कोशिश कर रहे अखिलेश

रायबरेली में अखिलेश की रथयात्रा बछरावां से शुरू हुई, जहां श्याम सुंदर भारती सपा विधायक हैं। वे SC वर्ग से हैं और पासी समाज से आते हैं। हरचंदपुर से राहुल लोधी सपा विधायक हैं जो पिछड़े समाज के हैं। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव इस यात्रा के जरिए अपने पीडीए के पी यानी पिछड़ा और डी यानी दलित को तो साधेंगे ही, साथ में कांग्रेस को भी ये संदेश देने की कोशिश करेंगे कि उनके गढ़ में वो कितने मजबूत हैं। इसके अलावा, अखिलेश यादव लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में अखिलेश का एक पोस्टर चर्चा में आया था, जिसमें वह हनुमान जी से आशीर्वाद लेते हुए दिख रहे थे

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