नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के भीतर उपजे विवाद के बाद देश-विदेश के तमाम कार्यकर्ता नाराज हो गए हैं। पार्टी के एक समर्थक, जिन्होंने अरविंद केजरीवाल को ब्लू वैगन-आर कार दान में दी थी, अब उन्होंने अपना दान वापस मांगा है।
नीले रंग की कार जो अरविंद केजरीवाल की पहचान बन गई थी, उसे लंदन में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा ने आप पार्टी को यह दान में दी थी और अब उन्होंने ट्वीट के जरिये अपनी नाराजगी जताते हुए अपनी मांग सामने रखी है।
उन्होंने यह ट्वीट किया है कि 'वह अरविंद केजरीवाल को बहुत बड़े समर्थक थे, जब वह पार्टी को दूर से देख रहे थे, लेकिन जब करीब से जाना तब सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया, जो चमकता है जरूरी नहीं कि सोना हो।'
कुंदन शर्मा ने पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 'मुझे खुशी होगी अगर पार्टी दिए गए दान को वापस लेने का अधिकार देती है। साथ ही उन्होंने कहा कि बालयान जैसे विधायकों को वापस बुलाने के अधिकार के बजाय यह अधिकार दे दिया जाना चाहिए। बालयान को वापस बुलाना तो मुमकिन नहीं है, दान को वापस लेने का अधिकार दे दिया जाना चाहिए।'
उन्होंने बताया कि यह कार अब भी उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर है। उन्होंने कहा कि वह इस कार का प्रयोग नहीं कर रहे थे। वह इस कार को 'आप' को देना चाहते थे, लेकिन कुछ हिचक रहे थे। जब उन्होंने निर्भया आंदोलन में पार्टी के रुख को देखा तो यह कार पार्टी को दान में दे दी।
अपने ट्वीट में केजरीवाल पर प्रहार करते हुए कुंदन शर्मा ने लिखा है कि '24 घंटे लोकपाल के नाम की माला जपने वाले अरविंद ने प्रशांत और योगेंद्र के खिलाफ लगे साजिश के आरोपों की जाँच की बारी आई तो खुद लोकपाल बन गये!'
अब अरविंद केजरीवाल ने यह कार पार्टी के रोहतक के प्रत्याशी को दे दी थी, और खुद इनोवा गाड़ी में चल रहे हैं। लेकिन, अब यह नीली कार वापस उनके पास आ गई है।
कुंदन शर्मा ने कहा कि, जिन्हें भी निकाला गया वह सब गलत हो सकते हैं लेकिन उनके सवाल गलत नहीं थे।
शर्मा ने अपने एक ट्वीट में यह भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने चंदा आम आदमी पार्टी को दिया था न कि केजरीवाल को.... उन्होंने ट्विटर पर वह तस्वीर भी साझा की है जिसमें उनके द्वारा आम आदमी पार्टी को 1,75,000 रुपये के दान की रसीद है।