नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की कथित रूप से पिछड़ी जातियों को उनके अधिकार से वंचित रखने को नक्सलवाद एवं अपराध में वृद्धि की वजह बताने संबंधी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के बयान देना सही नहीं है।
नायडू ने लालू को निशाने पर लेते हुए कहा कि लालू ने निश्चित रूप से अपने खुद के अनुभव के आधार पर ऐसा कहा होगा। नायडू ने संवाददाताओं के सवाल पूछने पर कहा, उन्होंने निश्चित रूप से अपने खुद के अनुभव के आधार पर ऐसा कहा होगा। वह कई साल तक केंद्र में रहे और राजनीति में काफी साल गुजारे हैं।
उन्होंने निश्चित रूप से अपने अनुभव के आधार पर ऐसा कहा होगा। संसदीय मामलों के मंत्री ने कहा कि ऐसी टिप्पणी करना सही नहीं है।
उन्होंने नक्सलवाद को एक राजनीतिक विचार बताते हुए कहा कि नक्सलबाड़ी आंदोलन का मानना है कि बंदूक की नली से ताकत आती है जिसे लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नायडू ने कहा, सवाल यह है कि अगर वह राजनीतिक ताकत हासिल करना चाहते हैं तो उन्हें राजनीतिक मुख्यधारा में शामिल होना होगा, चुनाव लड़ना होगा, लोगों को समझाना होगा और फिर जो भी वादे वे करें उन्हें पूरा करना होगा। बंदूक उठाने और निर्दोष लोगों को मारने से समस्या का हल नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, लालू इतने अनुभवी हैं, मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसी टिप्पणी क्यों की। आगामी चुनावों को देखते हुए अगर वे इन अतिवादी समूहों का समर्थन चाहते हैं तो यह एक अलग विषय है।