नई दिल्ली: सात राज्यों से राज्यसभा की सीटों के लिए आज होने वाले चुनाव में कुछ सीटों पर मुकाबला रोचक हो सकता है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और हरियाणा की कुछ सीटों पर सबकी नजर रहेगी, जहां वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल और वरिष्ठ वकील आरके आनंद समेत कई जाने माने उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा।
27 सीटों पर फैसला आज
मौजूदा चरण की कुल 57 राज्यसभा सीटों में से 30 पर तो फैसला बिना मतदान के हो चुका है। अब बाकी 27 पर फैसला आज के चुनाव में होगा, जहां कुछ राज्यों में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होगी। कर्नाटक में जेडीएस और निर्दलीय विधायकों को रिश्वत देने के आरोपों से चुनावों पर असर पड़ा है, लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हें रद्द करने की मांगों को खारिज कर दिया।
UP में है कांटे की टक्कर
सारी नजरें उत्तर प्रदेश पर हैं। यहां 11 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रीति महापात्र के बीच रोचक मुकाबला होने वाला है। सिब्बल को बसपा के समर्थन की जरूरत होगी जिसके पास 12 वोट हैं और जो उसके खुद के उम्मीदवारों सतीश चंद्र मिश्रा और अशोक सिद्धार्थ के सफल होने के लिए जरूरी वोटों से ज्यादा हैं।
बसपा अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपने पार्टी के समर्थन को लेकर रहस्य बरकरार रखा है। लेकिन सिब्बल इस बात से थोड़ी आशा रख सकते हैं कि मायावती ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस के उम्मीदवार और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील विवेक तनखा के लिए जरूरी एक वोट देने का वादा करके कांग्रेस को समर्थन का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 29 विधायक हैं और सिब्बल को राज्यसभा में पहुंचाने के लिए पांच और सदस्यों के वोट की जरूरत होगी।
सत्तारूढ़ सपा ने अमर सिंह और बेनीप्रसाद वर्मा समेत सात उम्मीदवारों को खड़ा किया है। दोनों हाल ही में पार्टी में फिर से शामिल हुए हैं। सपा ने रेवती रमण सिंह को भी टिकट दिया है। हालांकि पार्टी के सातवें उम्मीदवार को प्रथम प्राथमिकता वाले नौ वोटों की कमी है। सपा को अजित सिंह की रालोद की तरफ से समर्थन का वादा मिला है, जिसके आठ विधायक हैं। भाजपा ने शिव प्रताप शुक्ला को खड़ा किया है जिन्हें उसके 41 विधायकों का वोट मिलना तय है और इस तरह प्रीति महापात्र के लिए सात वोट बचते हैं।