कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के तीसरे चरण का मतदान खत्म हो चुका है। दोपहर 3 बजे तक 67.80 फीसदी मतदान हुआ। आज दिन के शुरुआती दो घंटों में 18% से अधिक मतदान हुआ। राज्य के चार जिलों की 62 सीटों पर सुबह 7 बजे मतदान जारी है। तीसरे चरण के मतदान के तहत मुर्शिदाबाद में 22 सीटों, नादिया में 17, बर्दवान जिलों में 16 और उत्तरी कोलकाता में सात सीटों पर मतदान हो रहे हैं।
ईसी अधिकारियों को 800 से अधिक शिकायतें मिली, जिसमें हिंसा, मतदाताओं को डराना-धमकाना और चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना शामिल है। मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक कार्यकर्ता तहिदुल इस्लाम पर देशी बम फेंक दिया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। ईसी ने इस हमले पर रिपोर्ट मांगी है। माकपा नेता अनिसुर रहमान ने इस हत्या के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि तृणमूल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
डोमकल से चुनाव लड़ रहे रहमान ने आरोप लगाते हुए कहा, "तृणमूल हार के डर से हिंसक गतिविधियों में संलिप्त हो रही है और इस्लाम की मौत इसी का नतीजा है। वह तृणमूल के गुंड़ों को मतदान केंद्र के अंदर जाने से रोक रहे थे, इसलिए उन्होंने उन्हें मार दिया।"
निर्वाचन आयोग (ईसी) के अधिकारी ने बताया, "सुबह नौ बजे तक 18.29 प्रतिशत तक मतदान हुआ। मुर्शिदाबाद में 20.53 प्रतिशत, नादिया में 18.09 प्रतिशत, बर्दवान में 17.01 प्रतिशत और कोलकाता में 14.71 प्रतिशत मतदान रहा।"
तृणमूल कांग्रेस के डोमकल से उम्मीदवार सौमिक हुसैन ने हालांकि इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि यह माकपा व कांग्रेस के बीच के संघर्ष का नतीजा है। डोमकल से चुनाव लड़ रहे व्हिसलब्लोअर पूर्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (आईपीएस) नजरूल इस्लाम ने ईसी पर जानबूझकर कार्यवाही नहीं करने का आरोप लाया।
इस्लाम ने कहा, "कई याचिकाओं के बावजूद अपराधियों को गिरफ्तार करने के प्रयास नहीं किए गए और ना ही अवैध हथियारों को जब्त किया गया है। ऐसा नहीं है कि ईसी अक्षम है और वह कुछ कर नहीं सककता। वे जानबूझकर कुछ नहीं कर रहे हैं।"
इस्लाम ने कहा, "ईसी जानबूझकर कुछ नहीं कर रहा है। इसके पीछे केंद्र (भाजपा) और राज्य सरकार (तृणमूल कांग्रेस) के बीच सोची-समझी रणनीति है।"
बर्दवान जिले के केतुग्राम से भी हिंसा की खबरें हैं, जहां मतदान केंद्र पर देसी बम फेंकने से 3 लोग घायल हो गए। नादिया जिले के सगुना में मतदान केंद्र के पास कई देसी बम बरामद किए गए हैं। निर्वाचन क्षेत्रों में 16,461 मतदान केंद्रों पर 1.37 करोड़ से अधिक (1,37,42,000) मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें 10 सहायक बूथ भी हैं।
बर्दवान में दूसरे और अंतिम दौर के मतदान हो रहे हैं, जबकि नौ सीटों पर 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हुआ था।
गौरतलब है कि पांच साल पहले 62 सीटों पर हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने 45 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसमें से तृणमूल की 29 और कांग्रेस की 16 सीटों पर जीत हुई थी। वामपंथी मोर्चे में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 14, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1-1 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस चरण के तहत राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
वामपंथी मोर्चा और कांग्रेस के गठबंधन ने भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं। इस चरण में मतदाताओं के लिहाज से नादिया का रानाघाट दक्षिण सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र है। क्षेत्रफल के हिसाब से बर्दवान का ओसग्राम सबसे बड़ा जिला है। उत्तरी कोलकाता का श्यामपुकर में मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है।
तीसरे चरण के मतदान के तहत बड़े-बड़े नाम चुनावी मैदान में उतरें हैं। इसमें तृणमूल के रबिरंजन चट्टोपाध्याय, शशि पंजा, साधन पांडे, सुब्रत साहा, पूर्व राज्य मंत्री और माकपा उम्मीदवार अनिसुर रहमान और देबाश दास, कांग्रेस विधायक मोहम्मद सोहराब, पूर्व राज्य पार्टी अध्यक्ष सोमेंद्रनाथ मित्रा और भाजपा से रितेश तिवारी हैं।
चुनावी मैदान में उतरे 418 उम्मीदवारों में से 61 करोड़पति हैं। 80 को खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि इनमें से 65 के खिलाफ हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर आपराधिक मामलें दर्ज हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में छह चरणों में मतदान हो रहे हैं। बाकी बचे चरणों के तहत 25, 30 अप्रैल और पांच मई को मतदान होंगे।