बुलंदशहर: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद योगी आदित्यनाथ ने मुस्लिम-बहुल सात देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर पाबंदी लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की तारीफ की है और कहा है कि आतंकवाद को रोकने के लिए भारत में भी इसी तरह की कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, ट्रंप ने अपने चुनावी कैंपेन के दौरान सिर्फ दो ही वैश्विक नेताओं का जिक्र दिया-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन।
योगी ने कहा कि ट्रंप की जीत ने राजनीति को एक नई दिशा दी है। हमें उसके लिए गए फैसलों को देखना चाहिए। उन्होंने नरेंद्र मोदी को अपना राजनीतिक आदर्श बताया है।
सोमवार को यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सपा-कांग्रेस महागठबंधन पर बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि मुलायम सिंह यादव को ‘डर’ है कि यह गठबंधन पिछड़ी जाति के लोगों को सपा से दूर कर देगा, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को नुकसान हो सकता है।
रैली को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, जब मैं पश्चिमी यूपी को देखता हूं, तो उसके सामाजिक ढांचे और जनसांख्यिकी देखकर मुझे पछतावा होता। जनवरी 19, 1990 को हिंदुओं को सामूहिक तौर पर कश्मीर से पलायन करना पड़ा था। वहां एक नरसंहार हुआ था, माताओं और बहनों के सम्मान को खुले तौर पर बेआबरू किया गया था। ऐसी ही स्थिति अगर हमने कहीं देखी है तो वह या तो बंगाल में है या पश्चिमी उत्तर प्रदेश। कैराना और कांधला।
उन्होंने कहा, क्या कैराना कोई मुद्दा नहीं है। क्या कश्मीर कोई मुद्दा नहीं है। अगर इस देश के बहुसंख्यक, हिंदुओं को टॉर्चर किया जाता है तो क्या यह मुद्दा नहीं है। लेकिन अगर अल्पसंख्यक समुदाय के पैर में कोई कांटा भी चुभ जाता है, तो वह एक मुद्दा बन जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, मैं पश्चिमी यूपी को असुरक्षित मानता हूं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में डर नहीं लगता, क्योंकि वहां हम वही भाषा इस्तेमाल करते हैं जो लोग समझते हैं और वह ठीक हो जाते हैं।