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'AI से रुक जाएगा इंसान के मस्तिष्क का विकास...', सपा सांसद राम गोपाल यादव का बयान हुआ वायरल

 Published : Feb 20, 2026 05:13 pm IST,  Updated : Feb 20, 2026 05:21 pm IST

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा है कि AI के कारण इंसान के मस्तिष्क का विकास पूरी रुक जाएगा और इसके कारण दुनिया में बेरोजगारी भी बढ़ेगी। आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में और क्या कुछ कहा है।

ram gopal yadav on Artificial  Intelligence- India TV Hindi
रामगोपाल यादव ने AI को बताया खतरनाक। (फाइल फोटो) Image Source : PTI/PEXELS

भारत की राजधानी नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन हुआ है। इस सम्मेलन में कई देशों के प्रमुख, प्रसिद्ध उद्योगपति आदि शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि दुनिया में AI यानी Artificial Intelligence का इस्तेमाल बढ़ता चला जा रहा है। भारत भी AI के सबसे बड़े बाजार में से एक है। ऐसे में दुनिया भर के नेताओं और विद्वानों ने भारत में AI के बढ़ते प्रयोग के लिए भारत सरकार की तारीफ की है। हालांकि, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने AI को लेकर ऐसा बयान दिया है जो कि काफी वायरल हो रहा है। सांसद राम गोपाल यादव ने कहा है कि AI के इस्तेमाल से व्यक्ति के मस्तिष्क का विकास रुक जाएगा।

क्या बोले रामगोपाल यादव?

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने अपने आधिकारिक X हैंडल से ट्वीट कर के कहा- "एआई (artificial  intelligence)  के प्रयोग से सारी दुनिया में बेरोजगारी बढ़ेगी। और इससे भी खतरनाक बात ये है की व्यक्ति के मस्तिष्क का विकास ही रुक जायेगा। ये सर्व विदित है कि शरीर के जिस अंग का प्रयोग नहीं होता है वह निष्प्रभावी हो जाता है। आने वाली पीढ़ियां अपने दिमाग से एक चिट्ठी भी नहीं लिख सकेंगीं। शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य के व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास का होता है। AI व्यक्ति को दिमागी विकलांगता की तरफ ले जाएगी। इस से बचने की आवश्यकता है। आंख बंद करके पश्चिम की नकल करना आत्मघाती कदम है।"

यूजर्स क्या बोले?

सांसद राम गोपाल यादव द्वारा AI को लेकर किए गए ट्वीट पर यूजर्स अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। Prof. Satish Pandey ने कहा- "मैं भी यही बात कई बार अपने विद्यार्थियों और साथियों से कहता रहा हूं। ऐआई हमारी तार्किक क्षमता को कुंद कर रही है। हम कोई सवाल पूछते हैं और ऐआई जवाब दे देता है। उसके बाद हम आगे सर्च ही नहीं करते क्योंकि पूरा जवाब सामने है। AI is killing our critical thinking"

Vikash Kumar नाम के यूजर ने कहा- "AI का खतरा दिमाग़ को खत्म करना नहीं है। असली खतरा है- आलोचनात्मक सोच छोड़ देना। यदि आने वाली पीढ़ी सवाल पूछना बंद कर दे, तब समस्या है। लेकिन यदि वे AI को प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल करें, तो उनकी सोच हमारी पीढ़ी से अधिक जटिल हो सकती है। मुद्दा तकनीक नहीं, उसका प्रयोग है।"

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