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'यह असहमति नहीं, अराजकता की राजनीति है', बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का राहुल गांधी पर हमला

 Written By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
 Published : Jul 21, 2026 11:48 pm IST,  Updated : Jul 22, 2026 12:03 am IST

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की और पीएम आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन को भारतीय राजनीति के इतिहास में 'काला दिन' करार दिया।

Nitin Nabin- India TV Hindi
नितिन नवीन Image Source : PTI

नई दिल्ली: राहुल गांधी की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करने पर बीजेपी ने हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने  राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की और इसे निंदनीय तथा भारतीय राजनीति के इतिहास में 'काला दिन' करार दिया। नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि गांधी और कांग्रेस नेताओं ने अराजकता फैलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भी आलोचना की। 

राहुल का व्यवहार अशोभनीय और निंदनीय 

बीजेपी अध्यक्ष ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''राहुल गांधी ने आज जिस तरह का व्यवहार किया, वह अशोभनीय और निंदनीय था।'' उन्होंने कहा, ''यह असहमति की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकता की राजनीति थी।'' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''यह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण था और भारतीय राजनीति के इतिहास में एक काला दिन था।'' 

राहुल गांधी अराजकता के प्रतीक

नितिन नवीन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद  है उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं ये उनके व्यवहार में दिखा। मेरा मानना है कि लोकतंत्र में विरोध और अराजकता दोनों अलग-अलग शब्द है। विरोध जब मर्यादा की हदों को पार कर जाती है वो अराजकता बन जाती है। राहुल गांधी अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं। 

प्रधानमंत्री केवल एक पार्टी के नेता नहीं 

संसदीय जीवन में हमारे कुछ ऐसे पद होते हैं जो पार्टी विशेष के नहीं होते। प्रधानमंत्री केवल एक पार्टी के नेता नहीं है 140 करोड़ देशवासियों के चुने हुए जन प्रतिनिधि हैं। जिनको पूरे देश की जनता आस्था और विश्वास का केंद्र मानती है। आज उनके आवास पर जिस प्रकार का अराजकता फैलाने का प्रयास राहुल गांधी ने किया है। ये स्पष्ट संदेश देता है कि ये विरोध की राजनीति नहीं अराजकता वादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।"

कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर दिया धरना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर धरना दिया और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की। 

हिरासत में लिए गए राहुल, देर रात हुए रिहा

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के साथ राहुल गांधी से मुलाक़ात की और उनसे अपना धरना खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन गांधी ने इनकार कर दिया। बाद में विपक्षी नेताओं को जबरन उस जगह से हटाया गया और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचे। उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। हालांकि बाद में इन नेताओं को रिहा कर दिया गया। (इनपुट-भाषा)

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