1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. क्या बदलने वाली है देश की राजनीति? TMC से NCP तक बड़े उलटफेर के संकेत, Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा

क्या बदलने वाली है देश की राजनीति? TMC से NCP तक बड़े उलटफेर के संकेत, Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा

 Reported By: Saurav Sharma
 Published : Jul 02, 2026 10:41 pm IST,  Updated : Jul 02, 2026 10:55 pm IST

कॉफी पर कुरुक्षेत्र कार्यक्रम में टीएमसी के बागी गुट द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा करने और ममता बनर्जी के सामने खड़ी चुनौतियों और पार्टी में संभावित टूट पर चर्चा हुई। इसके साथ ही अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

देश की राजनीति में इन दिनों कई बड़े घटनाक्रम एक साथ चर्चा में हैं। इंडिया टीवी के खास कार्यक्रम 'कॉफी पर कुरुक्षेत्र' पर एक विस्तृत चर्चा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रहे विवाद, शरद पवार की राजनीतिक रणनीति, आगामी मानसून सत्र में संभावित संविधान संशोधन विधेयकों और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर कई अहम बातें सामने आईं। इस दौरान कार्यक्रम में शो के एंकर और इंडिया टीवी के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर सौरव शर्मा के साथ गेस्ट के रूप में वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह, वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता और राजनीतिक विश्लेषक राजकुमार सिंह मौजूद रहे।

ममता बनर्जी के सामने है ये बड़ी चुनौती

कॉफी पर कुरुक्षेत्र में चर्चा की शुरुआत टीएमसी में चल रहे विवाद से हुई। बताया गया कि पार्टी के बागी गुट ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा किया है। उनका कहना है कि उनके साथ दो-तिहाई विधायक, पार्षद और संगठन के पदाधिकारी हैं। चर्चा में यह भी कहा गया कि यदि चुनाव आयोग पहले की तरह विधायकों और सांसदों के बहुमत को आधार मानता है तो ममता बनर्जी के सामने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि विवाद की स्थिति में चुनाव आयोग पहले चुनाव चिह्न को फ्रीज कर सकता है और उसके बाद दोनों पक्षों के दावों की जांच कर अंतिम फैसला देगा।

राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र की कमी

चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि परिवार आधारित राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र की कमी ऐसे विवादों की एक बड़ी वजह बन रही है। यही कारण है कि कई दलों में संगठन कमजोर होने और नेतृत्व को लेकर मतभेद बढ़ने की स्थिति बन रही है।

क्या होगा शरद पवार की NCP का

इसके बाद चर्चा का केंद्र शरद पवार और उनकी पार्टी रही। यह कहा गया कि उनके कांग्रेस में विलय और एनडीए के साथ जाने, दोनों तरह की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। हालांकि, यह भी माना गया कि शरद पवार किसी भी निर्णय से पहले राजनीतिक परिस्थितियों का पूरा आकलन करेंगे। बातचीत में यह भी कहा गया कि उनकी पार्टी की संपत्ति और संगठनात्मक ढांचे को देखते हुए कांग्रेस में पूर्ण विलय आसान नहीं माना जा सकता। वहीं, यदि भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल होती हैं तो गठबंधन या अन्य विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। सुप्रिया सुले की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी कई संभावनाओं पर चर्चा हुई।

संसद में आवश्यक समर्थन जुटाने की कोशिशें जारी

कॉफी पर कुरुक्षेत्र कार्यक्रम में मानसून सत्र में सरकार द्वारा लाए जाने वाले संभावित संविधान संशोधन विधेयकों पर भी विस्तार से बात हुई। महिला आरक्षण, परिसीमन और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इन प्रस्तावों को पारित कराने के लिए संसद में आवश्यक समर्थन जुटाने की कोशिशें जारी हैं। चर्चा में यह भी कहा गया कि दो-तिहाई बहुमत केवल संख्याबल से ही नहीं, बल्कि विभिन्न संसदीय परिस्थितियों के माध्यम से भी हासिल किया जा सकता है।

सितंबर में चुनाव के लिए तैयार हैं अखिलेश

उत्तर प्रदेश की राजनीति पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव के उस बयान का भी जिक्र हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा चुनाव पहले कराने हैं तो सितंबर में ही करा दिए जाएं और उनकी पार्टी इसके लिए तैयार है। इस बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाले गए। चर्चा में यह भी कहा गया कि विपक्ष एक बार फिर संविधान और आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुख राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश कर सकता है, जबकि सत्तापक्ष अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है।

कॉफी पर कुरुक्षेत्र कार्यक्रम में पूरी चर्चा का निष्कर्ष यही रहा कि आने वाले समय में टीएमसी, एनसीपी, संसद का मानसून सत्र और उत्तर प्रदेश की राजनीति ये सभी देश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन मुद्दों पर अंतिम तस्वीर आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और संबंधित दलों के फैसलों के बाद ही साफ होगी।

डिटेल में पूरी चर्चा देखने के लिए सबसे ऊपर दिए गए वीडियो पर क्लिक करें।

(डिस्क्लेमरः यह आर्टिकल कार्यक्रम में हुई चर्चा पर आधारित है और कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए विचार मेहमानों के निजी विचार हैं।)

ये भी पढ़ें: 

'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' की राजनीति, आखिर क्यों बदला विपक्ष का सुर? Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा

योगी फैक्टर से बदला यूपी का सियासी खेल! विपक्ष की बढ़ी बेचैनी? Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत