Highlights
- दिल्ली में 1 नवंबर की कांग्रेस रैली को लेकर व्यापारियों के संभावित नुकसान पर सियासी विवाद तेज हुआ।
- राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने लोगों से नुकसान की आशंका वाले पत्र लिखवाती है।
- राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि रैली के बाद बाजारों में कारोबार बढ़ेगा, घटेगा नहीं।
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। व्यापारियों की ओर से रैली के कारण 10,000 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताए जाने पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और पार्टी के दिल्ली प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने प्रतिक्रिया दी है। राशिद अल्वी ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए आरोप लगाया कि यह बीजेपी के काम करने का तरीका है। वहीं, राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि रैली में लाखों लोग शामिल होंगे और इससे बाजारों में कारोबार बढ़ेगा।
'क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी?'
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने व्यापारियों के नुकसान की आशंका पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
'बीजेपी इसी तरह काम करती है। वह अपने ही लोगों से ऐसे पत्र लिखवाती है। अगर ऐसी कोई चिंता थी, तो क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी?'
अल्वी ने आगे सवाल किया कि जब 1 नवंबर के कार्यक्रम के लिए इजाजत मांगी गई थी, तो पुलिस ने इसकी मंजूरी क्यों दी? उन्होंने कहा कि रैली की तारीख तय करने और कार्यक्रम आयोजित करने से पहले इजाजत ली गई थी। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बीजेपी जानती है कि इस रैली में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने वाले हैं, इसी वजह से बीजेपी डरी हुई है।
'रैली के बाद बाजारों में जाएंगे लोग'
कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी व्यापारियों के नुकसान की आशंका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी रैली होने जा रही है। उन्होंने CTI (चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री) को आम आदमी पार्टी का एक व्यावसायिक संगठन बताते हुए कहा कि वह इस संगठन को अच्छी तरह जानते हैं। गौतम ने कहा कि जब देश में संविधान और लोकतंत्र खतरे में हैं और लोगों के वैध वोटों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, तब CTI ने इन मुद्दों पर कोई प्रदर्शन नहीं किया।
'कारोबार घटेगा नहीं, और बढ़ेगा'
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि दिवाली रैली के करीब एक सप्ताह बाद है। ऐसे में रामलीला मैदान में आने वाले लाखों लोग रैली खत्म होने के बाद सीधे बाजारों का रुख कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे व्यापारियों को नुकसान होने के बजाय कारोबार बढ़ेगा। गौतम के मुताबिक, रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले लोगों की बाजारों में आवाजाही से व्यापार को फायदा हो सकता है। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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