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PM को मिले उपहारों की हुई ई-नीलामी, कितने रुपये प्राप्त हुए? सामने आ गया आंकड़ा

 Written By: Subhash Kumar
 Published : Aug 11, 2026 08:35 pm IST,  Updated : Aug 11, 2026 08:56 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की नीलामी से मिली रकम की जानकारी सामने आ गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में इस बारे में डिटेल में जानकारी दी है।

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पीएम मोदी के उपहारों की निलामी का आंकड़ा आया सामने। Image Source : PTI

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समय-समय पर कई उपहार मिलते रहते हैं। बीते कई वर्षों से इन उपहारों की निलामी की जाती रही है। अब पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जानकारी दी है कि साल 2025 में पीएम मोदी को दिए गए उपहारों और स्मृति चिह्नों की नीलामी से कितने रुपये प्राप्त किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में बताया है कि 2025 में इन उपहारों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी से सरकार को 1.89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

लोकसभा में पूछा गया था सवाल

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में इस बारे में पूछे गए एक सवाल का लिखित जवाब दिया है और आंकड़े शेयर किए हैं। लोकसभा में पूछे गए सवाल में इस बात की जानकारी मांगी गई थी कि बीते 5 साल में सरकार को ई-नीलामी से कितने रुपये मिले और उन तारीखों के बारे में भी पूछा गया था जब ये नीलामी की गई थीं।

2024 में कितनी रकम मिली?

केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2025 में पीएम मोदी को मिले स्मृति चिह्नों और उपहारों की ई-नीलामी से सरकार को 1.89 करोड़ रुपये मिले। ये ई-नीलामी का सातवां संस्करण था। वहीं, साल 2024 में ई-नीलामी के छठे संस्करण में सरकार को 2.24 करोड़ रुपये मिले थे। इस दौरान 600 से ज्यादा स्मृति चिह्नों और उपहारों की ई-नीलामी की गई थी।

5 चरण में 50 करोड़ा रुपये मिले

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले स्मृति चिह्नों और उपहारों की ई-नीलामी की श्रृंखला की शुरुआत 2019 में की गई थी। साल 2024 में स्मृति चिह्नों और उपहारों की ई-नीलामी की शुरुआत से पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा था कि ये संग्रह भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता, इतिहास और राजनीति की समृद्ध विविधता को दर्शाता है।  संस्कृति मंत्रालय ने तब जानकारी दी थी कि शुरुआती 5 चरण में इन नीलामियों से सरकार को 50 करोड़ रुपये से अधिक रकम मिली थी।

क्या 2014 से पहले ऐसा होता था?

आपको बता दें कि लोकसभा में एक सवाल में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से ये भी पूछा गया था कि साल 2014 से पहले ऐसी नीलामी कितनी बार हुई थी। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा था- "2019 से पहले, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय की ओर से स्मृति चिह्नों और उपहारों की कोई नीलामी नहीं की गई थी।" (इनपुट: भाषा)

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