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'हिंदुओं को भी चार बच्चे पैदा करना चाहिए', साध्वी ऋतंभरा ने 'Aap Ki Adalat' में ऐसा क्यों कहा?

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jan 20, 2024 11:08 pm IST,  Updated : Jan 20, 2024 11:08 pm IST

राम मंदिर आंदोलन के दौरान सबसे आगे रहनेवाली संतों में से एक साध्वी ऋतंभरा ने इंडिया टीवी के खास शो 'आप की अदालत' में कहा कि अगर केंद्र जनसंख्या में "संतुलन" लाना चाहता है तो उसे सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए, नहीं तो हिंदू भी चार बच्चे पैदा करें।

sadhvi ritambhara in aap ki adalat- India TV Hindi
आपकी अदालत में साध्वी ऋतंभरा ने दिया ऐसा बयान

इंडिया टीवी के खास शो आप की अदालत में शनिवार, 20 जनवरी 2024 को साध्वी ऋतंभरा कटघरे में तमाम सवालों के जवाब दे रही थीं। साध्वी ऋतंभरा कार्यक्रम के जरिए मांग की है कि अगर केंद्र सरकार जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) में "संतुलन" लाना चाहती है तो उसे सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए और समान नागरिक संहिता लागू करनी चाहिए, अन्यथा प्रत्येक हिंदू को चार संतान पैदा करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। 

यह पूछे जाने पर कि आपने अभी कुछ समय पहले बयान दिया था कि एक-एक हिंदू को चार बच्चे पैदा करने चाहिए तो क्या ऐसा बयान देना ठीक है? साध्वी ऋतंभरा ने इस सवाल का जवाब दिया: 'हां, मैंने बिल्कुल ठीक कहा है। अगर जब तक समान नागरिक संहिता लागू नहीं हो जाती... अगर जनसंख्या का असंतुलन इस देश में होता गया तो क्या होने वाला है?  हम वह भारतीय हैं जो 35 साल से पहले ब्याह नहीं करते और आठ साल तक बालकों को जन्म नहीं देते तो फिर हमारी परंपरा का संवाहक कौन होगा? मेरे उस बयान को आधा बताया गया। मैंने पहले कहा था जनसंख्या पर कानून लाओ और अगर नहीं लाते हो तो फिर हिंदू भी 4 बच्चों को जन्म दें।'

मुसलमानों में ज्यादा बच्चे पैदा होते हैं तो हिंदुओं को भी ऐसा करना चाहिए?

साध्वी ऋतंभरा ने कहा 'निश्चित रूप से जनसंख्या का संतुलन होगा। क्या हुआ था कश्मीर में? कितने अपमानित होकर हमें निकलना पड़ा.. अपने इतने घरों को, इतने व्यापारों को छोड़कर? आज भी कहां-कहां लोग भटके हुए हैं? कहां कहां लोग निराश्रित होकर भटके,  आश्रय जहां लिया वहां भी सांप बिच्छुओं से वह डंसे गए। किस कारण हुआ? इसी कारण से तो हुआ। इसलिए इस सत्य को नकारा नहीं जा सकता और दूसरी बात यह है कि हम अपनी परंपरा के संवाहकों को क्यों नहीं जन्म देंगे? या तो फिर इस देश में समान नागरिक संहिता लागू हो और जनसंख्या पर कानून बने, नहीं तो फिर यह होना चाहिए जैसा कि मैंने कहा था।'

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