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शरद यादव: किसान परिवार में जन्मे एक शख्स ने कैसे राजनीति की बुलंदियों को छुआ? जानें पूरा सफर

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jan 12, 2023 11:36 pm IST,  Updated : Jan 13, 2023 06:10 am IST

जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का निधन हो गया है। वह 75 साल के थे और उन्होंने गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली। उनका जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में हुआ था। वह एक किसान परिवार से थे, लेकिन उन्होंने राजनीति की बुलंदियों को छुआ।

Sharad Yadav- India TV Hindi
शरद यादव Image Source : FILE

नई दिल्ली: जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का 75 साल की उम्र में गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल में निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीति जगत में शोक है और उनके समर्थकों के बीच निराशा है। शरद यादव की बेटी सुभाषिनी शरद यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इस खबर की पुष्टि की है। 

कहां हुआ था जन्म? 

शरद यादव का का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद के अखमाउ गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में गोल्‍ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने रॉबर्ट्सन मॉडल साइंस कॉलेज से स्‍नातक किया था। उन्हें पढ़ाई में काफी होशियार माना जाता था। 

कैसे हुई राजनीति की शुरुआत

वह छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे। 1971 में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, जबलपुर मध्यप्रदेश में वह छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए थे। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत लालू, मुलायम और एचडी देवगौड़ा के साथ ही हुई थी। वह डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से काफी प्रेरित थे, जिसकी वजह से वह कई लोहिया के आंदोलनों में शामिल रहे। MISA के तहत 1969-70, 1972 और 1975 में उन्हें हिरासत में भी लिया गया।

पहली बार साल 1974 में बने सांसद

वह पहली बार साल 1974 में मध्य प्रदेश की जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने थे। 1977 में वह फिर इस सीट से सांसद बन गए। 1986 में वे राज्यसभा से भी सांसद चुने गए थे।  1989-90 में वह टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री भी रहे। साल 1998 में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड नाम से पार्टी बनाई थी, जिसमें उनकी मदद जॉर्ज फर्नांडीस ने की थी। साल 1999 में उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी संभाला और 2001 में केंद्रीय श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई। 

वह एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते रहे, जो तीन राज्यों ( मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार) से लोकसभा के लिए चुने गए। उन्हें बिहार के वर्तमान सीएम नीतीश कुमार का मार्गदर्शक भी माना जाता था।

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