1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. सुदीप बंद्योपाध्याय ने ममता बनर्जी को दिया बड़ा झटका, बागियों के खेमे में हुए शामिल, भूपेंद्र यादव से की मुलाकात

सुदीप बंद्योपाध्याय ने ममता बनर्जी को दिया बड़ा झटका, बागियों के खेमे में हुए शामिल, भूपेंद्र यादव से की मुलाकात

 Published : Jun 13, 2026 07:02 pm IST,  Updated : Jun 13, 2026 07:02 pm IST

ममता बनर्जी को बड़ा सियासी झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात भी की है।

TMC Crisis, Mamata Banerjee, Sudip Bandyopadhyay, Trinamool Congress Split- India TV Hindi
सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी ममता बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए बागी गुट का दामन थाम लिया है। Image Source : PTI

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ा सियासी संकट गहराता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी खेमे में शामिल होने और दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय भी इस दौरान दिल्ली में मौजूद रहीं और उन्होंने भी भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचकर मुलाकात की। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है।

19 सांसदों ने कर ली है अलग गुट बनाने की तैयारी

बागी गुट के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक ज्ञापन सौंपा है और सोमवार को वे औपचारिक रूप से अपने अलग गुट की मान्यता की मांग करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने पत्र सौंप दिया है। सोमवार को हम लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अपने वास्तविक टीएमसी संसदीय दल के गठन का दावा पेश करेंगे और मान्यता की मांग करेंगे।' बागी खेमे के मुताबिक, 19 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं और 20 सांसद दिल्ली पहुंचकर आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

टीएमसी में 3 सांसदों के इस्तीफे के बाद बढ़ा संकट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर तनाव बढ़ गया है। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों और 13 राज्यसभा सांसदों में से अब तक 3 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट के दावों को खारिज करते हुए कहा कि संविधान के 91वें संशोधन (2003) के बाद किसी भी प्रकार के अलग विभाजन या अलग गुट को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती।

कुणाल घोष ने की हस्ताक्षरों की जांच की मांग

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने मांग की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हस्ताक्षरों को लोकसभा सचिवालय के रिकॉर्ड से मिलाकर उनकी सत्यता की जांच की जाए। बागी खेमे की ओर से जिन सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं, उनमें ये नाम शामिल हैं: काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालिपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक।

कीर्ति आजाद ने लगाया ‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी पर 'ऑपरेशन लोटस' के तहत सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में चल रहा है, लेकिन अब तक सफल नहीं हुआ है। उन्होंने हाल की कुछ गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित राजनीतिक प्रयास का हिस्सा है। इस संदर्भ में उन्होंने प्रकाश चिक बराइक, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी कुछ मुलाकातों का भी जिक्र किया।

ये भी पढ़ें:

क्या शत्रुघ्न सिन्हा भी छोड़ेंगे TMC का साथ? सांसद ने दे दिया जवाब, बोले- 'अभिषेक बनर्जी मेरे नेता नहीं हैं'

'युवराज का अब चक्की पीसने का समय आ गया है', निलंबित TMC नेता रिजू दत्ता का अभिषेक बनर्जी पर बड़ा हमला

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत