पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और डीके शिवकुमार सरकार में शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने हिंदू राष्ट्र की जो परिभाषा दी है, उससे विवाद खड़ा हो गया है। मंगलवार को कर्नाटक के बीदर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होती है, तो उससे दमनकारी व्यवस्था वापस लौट आएगी। उन्होंने BJP का नाम न लेते हुए कहा कि हमें हिंदू राष्ट्र के जरिए दमनकारी व्यवस्था वापस लाने की कोशिश कर रही सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ना होगा।
जानिए क्या बोले यतींद्र सिद्धारमैया?
शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने जो बयान दिया, वह इस प्रकार है। सिद्धारमैया ने कहा, 'अगर भारत हिंदू राष्ट्र बनता है, तो इससे दमनकारी व्यवस्था वापस आ जाएगी। इसीलिए सांप्रदायिक ताकतें हमें दबाने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रही हैं। हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा। यह हमारी अहिंसा की लड़ाई का एक बहुत अहम हिस्सा होना चाहिए।'
अपनी राजनीतिक ताकत कर सकते हैं सुरक्षित
यतींद्र सिद्धारमैया ने आगे कहा, 'अगर हम ये सब करते हैं, तभी हम एकजुट हो सकते हैं। अपनी राजनीतिक ताकत सुरक्षित कर सकते हैं, अपने अधिकारों का दावा कर सकते हैं। अपने समुदाय के सभी वर्गों का उत्थान कर सकते हैं और उनके कल्याण के लिए काम कर सकते हैं। ये वे काम हैं जिन्हें हमारे पूर्वज चाहते थे कि हम आगे बढ़ाएं और मैं इस मौके पर यही बात कहना चाहता था।'
हिंदू राष्ट्र को लेकर बयानबाजी
भारत में धार्मिक लोग यानी संत महात्मा हिंदू राष्ट्र की बात करते रहते हैं। साथ ही कुछ राजनीतिक लोग भी हिंदू राष्ट्र को लेकर बयानबाजी की है। पूर्व सीएम के बेटे का बयान भी इसी कड़ी की प्रतिक्रिया को लेकर है।
तेज हो सकता है राजनीतिक विवाद
यतींद्र सिद्धारमैया ने जो बयान दिया है। उसको लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा और उसके सहयोगी दल ऐसे बयानों को हिंदू आस्था का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोलते रहे हैं, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह संविधान और भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप की रक्षा के पक्ष में है।
यतींद्र सिद्धारमैया के इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।
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