जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस अगस्त महीने में पीक आवर्स के दौरान कुल बिजली की उपलब्धता के मुकाबले लगभग चौदह परसेंट बिजली की कमी होने की संभावना है। नॉर्दर्न रीजनल पावर कमिटी की हाल ही में हुई एक मीटिंग में यह बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, अगस्त-2026 महीने के लिए पीक आवर्स के दौरान माइनस 13.9 परसेंट बिजली की कमी का अनुमान है।
अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि पीक आवर्स के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुल 2710 मेगावाट बिजली की अनुमानित जरूरत के मुकाबले कुल 2334 मेगावाट बिजली की उपलब्धता होगी। हालांकि, कमिटी ने कहा कि पीक आवर्स को छोड़कर बाकी घंटों में 47 परसेंट सरप्लस बिजली होगी। कमिटी के अनुमान के अनुसार पीक आवर्स में 376 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। ऐसा होने पर बड़ी आबादी इससे प्रभावित हो सकती है।
कश्मीर में 3,747 करोड़ रुपये से ज्यादा बिल बकाया
जम्मू कश्मीर में सरकारी संस्थानों का बिजली बिल बकाया है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने अप्रैल के महीने में विधानसभा में बकाया बिल के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर में में सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर बिजली का बकाया 3,747 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आंकड़ों के अनुसार कुल बकाया 3,74,735.42 लाख रुपये है, जिसमें कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (केपीडीसीएल) के अंतर्गत 2,31,022.41 लाख रुपये और जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेपीडीसीएल) के अंतर्गत 1,43,713.01 लाख रुपये शामिल हैं।
पीएचई विभाग का बिल सबसे ज्यादा
पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग सबसे अधिक 1,30,043 लाख रुपये और इसके बाद सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग पर 58,059.72 लाख रुपये का बकाया है। सुरक्षा एजेंसियों की बात करें तो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर 29,638.45 लाख रुपये, सेना पर 19,719.94 लाख रुपये और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पर 1,116.87 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा गृह विभाग पर 22,306.46 लाख रुपये और आवास एवं शहरी विकास विभाग पर 14,449.47 लाख रुपये का बकाया है। बिजली विकास विभाग पर स्वयं 10,756.53 लाख रुपये तथा 'पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' पर 2,277.51 लाख रुपये का बकाया है। नगर निकायों का भी इसमें बड़ा हिस्सा है, जिन पर 24,163.80 लाख रुपये बकाया है। वहीं राजस्व एवं राहत विभाग पर 8,227.62 लाख रुपये और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग पर 11,989.31 लाख रुपये की देनदारी है। अन्य विभागों में पर्यटन विभाग पर 4,759.05 लाख रुपये, शिक्षा विभाग पर 2,866.40 लाख रुपये, लोक निर्माण (आरएंडबी) विभाग पर 1,951.21 लाख रुपये और ग्रामीण विकास विभाग पर 1,062.95 लाख रुपये बकाया है।
यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूरों के लिए एडवाइज़री, दो टारगेटेड आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा कड़ी
खराब मौसम की चेतावनी के कारण अमरनाथ यात्रा रुकी, नेशनल हाईवे के ट्रैफिक का रिव्यू करेंगे अधिकारी