जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने विधायकों को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा है कि व्यावसायिक नोटिस का अनावश्यक प्रचार विशेषाधिकार हनन के समान है। जम्मू कश्मीर के कुछ विधायकों ने बजट सत्र से पहले सदन के कामकाज के नोटिसों का प्रचार किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से "विशेषाधिकार हनन" से दूर रहने को कहा है।
विधानसा अध्यक्ष ने कहा कि सदन के कामकाज से जुड़े सवालों, विधेयकों, प्रस्तावों और इसी तरह के अन्य मामलों के नोटिसों को अनुचित प्रचार देना अनुचित है।
तीन मार्च से शुरू हो बजट सत्र
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र तीन मार्च से शुरू होने वाला है। विधानसभा के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने आगामी बजट सत्र के दौरान सदन के कामकाज के संबंध में विधायकों द्वारा दिए गए नोटिसों के हाल ही में अनुचित प्रचार को गंभीरता से लेते हुए इस प्रथा पर नाराजगी व्यक्त की है और कहा है कि यह संसदीय प्रथाओं, परंपराओं और स्थापित नियमों के खिलाफ है।
बयान में क्या कहा?
बयान में अध्यक्ष के हवाले से कहा गया है, "संसदीय परंपरा, उपयोग और स्थापित परंपरा तथा इस सदन के प्रचलित नियमों के अनुसार सदन के कामकाज से जुड़े प्रश्नों, विधेयकों, प्रस्तावों और इसी तरह के अन्य मामलों की सूचनाओं को अनावश्यक प्रचार देना अनुचित है।" बयान में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष ने ऐसे प्रचार के लिए जिम्मेदार सदस्यों के खिलाफ नाराजगी जताई, जो निर्धारित नियमों के अनुसार विशेषाधिकार हनन के समान है और सदस्यों को भविष्य में इस तरह की प्रथा से दूर रहने का निर्देश दिया। (इनपुट- पीटीआई)
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