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Shivaji Jayanti 2022: भारत के गौरवशाली इतिहास में ऐसा था छत्रपति शिवाजी महाराज का योगदान

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 18, 2022 12:17 pm IST,  Updated : Feb 19, 2022 06:59 am IST

छत्रपति शिवाजी महाराज वीरता के प्रतिमूर्ति हैं और उनकी वीरता के किस्से इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। हर साल उनकी जयंती पर शिवाजी जयंती 19 फरवरी को महाराष्ट्र और देश के अन्य स्थानों पर मनाई जाती है।

Shivaji Jayanti 2022- India TV Hindi
Shivaji Jayanti 2022 Image Source : INSTAGRAM/_PRANAV__21_

Highlights

  • शिवाजी जयंती हर साल 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान में मनाई जाती है
  • छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे
  • शिवाजी जयंती पर महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश रहता है

महाराष्ट्र के शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरव गाथा केवल महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है। उनकी वीरता के किस्से इतिहास के पाठों का हिस्सा हैं और कई फिल्मों और टीवी शो का विषय भी हैं। भारत में मुगल वंश के दौरान मराठा साम्राज्य को पुनर्जीवित करने में शिवाजी महाराज के प्रयासों और योगदान उल्लेखनीय है। छत्रपति शिवाजी महाराज की विचार कई युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उनकी महानता और बहादुरी, जिसमें मुगल बादशाह औरंगजेब के साथ उनका संघर्ष, जेल से उनका पलायन जैसी अन्य रोमांचक कहानियां शिवाजी महाराज के प्रति लोगों को प्रेरित करती हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हर साल 19 फरवरी को मनाई जाती है। इस बार देश उनकी 392 वीं जयंती मना रहा है।

शिवाजी का इतिहास

महात्मा ज्योतिराव फुले ने 1870 में शिवाजी जयंती की घोषणा की। शिवाजी महाराज की समाधि पुणे से लगभग 100 किलोमीटर दूर रायगढ़ जिले में स्थित है। पहला शिवाजी जयंती समारोह पुणे शहर में आयोजित किया गया था। बाद में स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने शिवाजी जयंती को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई क्योंकि उन्होंने लोगों के भीतर छत्रपति शिवाजी महाराज की उपलब्धियों को सक्रिय रूप से उजागर किया।

शिवाजी जयंती कैसे मनाई जाती है?
शिवाजी जयंती पर महाराष्ट्र में राजकीय अवकाश होता है। यह बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन मराठों का समृद्ध और विविध सांस्कृतिक इतिहास के उल्लास को भी मनाया जाता है। बच्चे उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए शिवाजी के रूप में तैयार होते हैं। भोजन और अन्य मिठाइयां भी परोसी जाती हैं और बहुत उत्साह के साथ इस पर्व का आनंद लिया जाता है। 

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