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पहले पीटा, फिर जबरन पिलाया डिटर्जेंट, छतरपुर में नवविवाहिता की मौत के बाद सामने आई ससुराल वालों की हैवानियत

 Written By: India TV MP Bureau Desk
 Published : Jul 08, 2026 08:09 pm IST,  Updated : Jul 08, 2026 08:10 pm IST

छतरपुर में दहेज का गंभीर मामला सामने आया है, जहां नवविवाहिता को जहर और डिटर्जेंट पिलाने का आरोप लगाया गया। मामला एक महीने पुराना है और महिला की मौत के बाद परिवार कार्रवाई की मांग कर रहा है, जिसमें शुरुआत में देरी हुई, लेकिन अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

Arun Soni- India TV Hindi
गर पुलिस अधीक्षक अरुण सोनी। Image Source : REPORTER INPUT

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से दहेज प्रताड़ना और क्रूरता का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बड़ा मलहरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौली गांव में एक नवविवाहिता को दहेज की खातिर जबरन जहर और डिटर्जेंट पाउडर का घोल पिलाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की हालत बिगड़ने के बाद भोपाल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद से मृतका के परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित परिवार ने छतरपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।

शादी के बाद से ही किया जा रहा था प्रताड़ित

पीड़िता किरण कुशवाहा के भाई मनोज कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मनोज का आरोप है कि किरण की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी, लेकिन शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने का ताना देकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। परिजनों के अनुसार बीते 1 जून को प्रताड़ना की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोप है कि पति हरि नारायण, सास तुलसा, ससुर परम लाल, ननद सुनीता और नंदोई उमेश ने मिलकर किरण को बेरहमी से पीटा और फिर जबरन उसे जहर व डिटर्जेंट का जानलेवा घोल पिला दिया। हालत बिगड़ने पर उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उसे भोपाल रेफर किया गया, मगर डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

थाने में सुनवाई न होने पर एसपी ऑफिस पहुंचा परिवार

पीड़ित परिवार का आरोप है कि किरण की मौत के बाद उन्होंने सबसे पहले 20 जून को बड़ा मलहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की इसी टालमटोल की नीति और ढुलमुल रवैए से नाराज होकर मृतका के परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण छतरपुर एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और किरण को मौत के मुंह में धकेलने वाले ससुराल पक्ष के सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस प्रशासन का पक्ष और मर्ग डायरी का इंतजार

मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर के नगर पुलिस अधीक्षक अरुण सोनी ने आधिकारिक बयान जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि मृतका किरण कुशवाहा मौली गांव की निवासी थी, जिसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी। लगभग एक महीने पहले कुछ अज्ञात संदिग्ध पदार्थ खाने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए भोपाल ले गए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। कार्रवाई में देरी के सवाल पर सीएसपी अरुण सोनी ने सफाई देते हुए कहा कि किरण की मौत भोपाल में हुई थी, जिसके कारण पोस्टमार्टम भी वहीं कराया गया था। चूंकि शुरुआती मर्ग डायरी संबंधित थाने से समय पर प्राप्त नहीं हुई थी, इसलिए मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू करने में थोड़ा विलंब हुआ। हालांकि अब पुलिस को मर्ग डायरी प्राप्त हो चुकी है और नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का आश्वासन है कि परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज कर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाए जाएंगे।

रिपोर्ट- प्रेम गुप्ता

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