मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में आयुष चिकित्सा अधिकारी के तबादले के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम से फर्जी पत्र तैयार करने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और टैबलेट जब्त किए गए हैं। पुलिस मामले में आयुष चिकित्सा अधिकारी और उनके वाहन चालक की भूमिका की भी जांच कर रही है।
वॉट्सऐप पर भेजा गया था फर्जी पत्र
पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राजेश अतुलकर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 21 जुलाई को उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने वॉट्सऐप के जरिए मुख्यमंत्री के नाम से तैयार किया गया फर्जी पत्र भेजा था।
मुख्यमंत्री के फर्जी लेटरपैड और तस्वीर का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, पत्र सीएमएचओ कार्यालय को संबोधित था। इसमें मुख्यमंत्री के फर्जी लेटरपैड और तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। पत्र में आलीराजपुर जिले में पदस्थ आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मला निगवाल के उदयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सोंडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरण किए जाने का आवेदन बताया गया था।
सीहोर से आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने सीहोर जिले के रहने वाले 33 वर्षीय मुकेश भोंसले को गिरफ्तार किया। उसके पास से मोबाइल फोन और टैबलेट बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पत्र तैयार करने और उसे भेजने के पीछे उसकी भूमिका क्या थी और इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं।
वाहन चालक के खाते से 15 हजार का भुगतान
पुलिस निरीक्षक सोनू सितोले ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आयुष चिकित्सा अधिकारी के वाहन चालक नवल सिंह ने मुकेश भोंसले को यूपीआई के माध्यम से 15 हजार रुपये का भुगतान किया था।
आयुष अधिकारी और चालक की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस लेन-देन को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आयुष चिकित्सा अधिकारी और उनके वाहन चालक की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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