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UPSSSC परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते परीक्षार्थी दबोच गया, सॉल्वर गैंग को दिए थे 10 लाख

 Reported By: Ruchi Kumar,  Vishal Singh Written By: Malaika Imam
 Published : Aug 23, 2026 10:15 pm IST,  Updated : Aug 23, 2026 10:37 pm IST

यूपी STF ने लखनऊ में UPSSSC की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि परीक्षा पास कराने के लिए 10 लाख रुपये एडवांस दिए थे।

ब्लूटूथ डिवाइस के साथ परीक्षार्थी गिरफ्तार- India TV Hindi
ब्लूटूथ डिवाइस के साथ परीक्षार्थी गिरफ्तार Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने रविवार को यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। STF ने लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र से ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने करते एक परीक्षार्थी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से सिम बेस्ड अत्याधुनिक ब्लूटूथ डिवाइस समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार परीक्षार्थी की पहचान प्रयागराज निवासी बृजेश कुमार यादव, पुत्र दान बहादुर यादव, के रूप में हुई है। मूल रूप से जौनपुर से जुड़े बृजेश को लखनऊ के महानगर स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज, सेक्टर-सी परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया।

STF के मुताबिक, बृजेश परीक्षा केंद्र के अंदर सिम आधारित अत्याधुनिक ब्लूटूथ डिवाइस लेकर पहुंचा था। उसने डिवाइस को अंडरवियर और विशेष रूप से तैयार कराई गई बनियान की जेब में छिपा रखा था। योजना के तहत परीक्षा के दौरान बाहर मौजूद सॉल्वर से संपर्क कर प्रश्नों के उत्तर हासिल किए जाने थे।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से ब्लूटूथ डिवाइस और उसके सहवर्ती उपकरण, मोबाइल फोन, प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, ओएमआर शीट और कई मूल प्रश्नपत्र बरामद किए गए।

10 लाख रुपये एडवांस देने का खुलासा

पूछताछ में बृजेश ने STF को बताया कि प्रयागराज निवासी रमेश चंद्र पटेल ने परीक्षा में नकल का इंतजाम कराया था। परीक्षा पास कराने के एवज में उसने रमेश को 10 लाख रुपये एडवांस दिए थे। आरोपी के अनुसार, रमेश ने ही उसे विशेष रूप से तैयार बनियान और ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराई थी।

STF का दावा है कि पूछताछ में रमेश चंद्र पटेल के पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। अब STF इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

परीक्षा से पहले STF को मिली थी सूचना

STF मुख्यालय को परीक्षा शुरू होने से पहले ही सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की सूचना मिल गई थी। सूचना के आधार पर टीम ने संदिग्ध अभ्यर्थी पर नजर रखी। मुखबिर की निशानदेही और परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक के सहयोग से कार्रवाई करते हुए बृजेश को परीक्षा केंद्र के अंदर ही पकड़ लिया गया।

STF अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर नकल के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। रमेश चंद्र पटेल समेत अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बीते दिनों यूपी STF ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप से सट्टेबाजी कराने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर युवकों को गिरफ्तार किया।

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