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"अब डराने-धमकाने की संस्कृति खत्म", दिलीप घोष बोले- अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस को खुली छूट

 Written By: Malaika Imam
 Published : Aug 23, 2026 09:10 pm IST,  Updated : Aug 23, 2026 09:10 pm IST

दिलीप घोष ने अपराधियों को लेकर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब डराने-धमकाने की संस्कृति खत्म हो चुकी है और पुलिस को कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की खुली छूट दी गई है।

Dilip Ghosh- India TV Hindi
दिलीप घोष Image Source : PTI

पश्चिम बंगाल के पंचायत मंत्री और खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि राज्य में कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पूरी छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी।

खड़गपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब "डराने-धमकाने की संस्कृति" बीते समय की बात हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, "मैंने पुलिस को आपराधिक तत्वों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने को कहा है। खड़गपुर की धरती पर किसी भी माफिया को कदम रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"

"मुठभेड़ का सहारा लिया जाना अंतिम विकल्प"

बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा, "पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसे भूल जाइए। बीजेपी सरकार ने पुलिस को माफिया और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी है। घोष ने कहा, "यदि अपराध गंभीर है और स्थिति की मांग है, तो पुलिस द्वारा मुठभेड़ का सहारा लिया जाना अंतिम विकल्प होगा।"

दिलीप घोष का सियासी सफर

दिलीप घोष के सियासी सफर की बात करें तो उन्होंने  शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक समर्पित प्रचारक के रूप में की थी। उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारियों को संभाला। इसी पृष्ठभूमि और वैचारिक दृढ़ता के कारण उन्हें बाद में मुख्यधारा की सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिकाएं निभाने का अवसर मिला।

संघ से मिलने वाले सांगठनिक अनुभव को आधार बनाते हुए उन्होंने वर्ष 2014 में बीजेपी का दामन थामा और पश्चिम बंगाल में पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कार्य शुरू किया। दिसंबर 2015 में उन्हें पश्चिम बंगाल बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिसके बाद उनके नेतृत्व में पार्टी ने राज्य के चुनावी मैदान में अभूतपूर्व विस्तार किया। उनके कार्यकाल के दौरान ही वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर बंगाल को बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रणक्षेत्र बना दिया।

अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली और मुखर बयानों के लिए पहचाने जाने वाले दिलीप घोष ने कई महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबलों में सफलता हासिल की है। उन्होंने वर्ष 2016 में खड़गपुर सदर सीट से विधानसभा चुनाव जीता और वर्ष 2019 में मेदिनीपुर से लोकसभा सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में खड़गपुर सदर सीट से दोबारा शानदार जीत हासिल की और वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में पंचायती राज, ग्रामीण विकास, कृषि विपणन और पशु संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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