गुजरात के कच्छ जिले के अबडासा तालुका स्थित पिंगलेश्वर समुद्र तट से संदिग्ध AIS (Automatic Identification System) सिस्टम और एक ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद होने से पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ गई है। समुद्र तट के संवेदनशील क्षेत्र में एक साथ संदिग्ध उपकरण मिलने के बाद पुलिस ने दोनों वस्तुओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
संयुक्त टीम ने समुद्र तट क्षेत्र में की पेट्रोलिंग
जखौ पुलिस स्टेशन के PSI आर.जे. गोहिल के मार्गदर्शन में जखौ पुलिस, SOG, SIB और L.I.B. की संयुक्त टीम द्वारा पिंगलेश्वर लैंडिंग के समीप समुद्र तट क्षेत्र में पेट्रोलिंग की जा रही थी। पेट्रोलिंग के दौरान जखौ पुलिस स्टेशन के PC लाखियारजी सोढ़ा ऊंट के साथ, SOG के ASI जोरावरसिंह जाडेजा, SIB के AIO बी.बी. संगार (अबडासा कोस्टल सेंटर), L.I.B. कोठारा फील्ड के ASI पुनसीभाई माहेश्वरी और जखौ पुलिस स्टेशन के SRD सदस्य मौजूद थे।
पेट्रोलिंग के दौरान सुबह करीब 10:55 बजे टीम को पिंगलेश्वर लैंडिंग समुद्र तट क्षेत्र में एक संदिग्ध AIS सिस्टम मिला। इसके अलावा एक ऑक्सीजन सिलेंडर भी बरामद किया गया। समुद्र तट के संवेदनशील क्षेत्र में संदिग्ध उपकरण मिलने की सूचना के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और दोनों वस्तुओं को सुरक्षित कब्जे में लिया गया।

AIS सिस्टम के इस्तेमाल की जांच
AIS यानी Automatic Identification System का इस्तेमाल सामान्य तौर पर समुद्री जहाजों की पहचान और उनकी स्थिति जैसी जानकारी साझा करने के लिए किया जाता है। हालांकि, पिंगलेश्वर समुद्र तट पर मिला यह उपकरण किसका है और यहां किस उद्देश्य से पहुंचा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि उपकरण समुद्र के रास्ते बहकर किनारे आया या किसी व्यक्ति द्वारा यहां छोड़ा गया।
कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच
ऑक्सीजन सिलेंडर मिलने के कारण भी जांच एजेंसियां इसके स्रोत और संभावित इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही हैं। समुद्री सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्र को देखते हुए पुलिस इस मामले में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है। उपकरणों के किसी संदिग्ध नेटवर्क या गतिविधि से जुड़े होने की आशंका समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
हालांकि, फिलहाल इन वस्तुओं के किसी दुश्मन देश की साजिश से जुड़े होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संदिग्ध AIS सिस्टम और ऑक्सीजन सिलेंडर कहां से आए और इनके पीछे की वास्तविक वजह क्या थी?
(रिपोर्ट- नीतेश गोर)
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