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वाराणसी की साइबर सेल ने 116 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का किया खुलासा, सरगना समेत 4 को किया गिरफ्तार

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Aug 23, 2026 09:19 pm IST,  Updated : Aug 23, 2026 09:19 pm IST

वाराणसी की साइबर क्राइम सेल और थाना चेतगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 116.86 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने गैंग के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Varanasi- India TV Hindi
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश में वाराणसी की साइबर क्राइम सेल और थाना चेतगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 116.86 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें सरगना की पहचान रोहतास, सासाराम बिहार निवासी नीतीश कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है। यह गैंग कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्जी फर्म खुलवाता था और उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और बेटिंग ऐप में करता था। पुलिस की जांच में आरोपियों से जुड़े 41 बैंक खातों में 143 एनसीआरपी शिकायतें मिली हैं जिनमें कुल 116.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।

आरोपियों के पास से पुलिस ने बरामद किए 7 मोबाइल फोन

वाराणसी की साइबर क्राइम सेल और थाना चेतगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के इस मामले में बताया कि आरोपी XePay APK के जरिए मोबाइल में SMS Forwarding सक्रिय कर ओटीपी हासिल करते थे और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 19 चेकबुक, 40 डेबिट कार्ड, 48 QR स्कैनर और दो वाहन बरामद किए हैं। पुलिस अन्य खाताधारकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। एसीपी क्राइम विनय कुमार द्विवेदी ने इस मामले को लेकर बताया कि अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, विशेष रूप से साइबर अपराधियों के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है उसके तहत 23 अगस्त को जनपद की साइबर क्राइम टीम एवं चेतगंज पुलिस के द्वारा संयुक्त प्रयास के द्वारा एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस गिरोह के द्वारा लोगों को बेवकूफ बना करके और उन्हें कमीशन के नाम पर उनके नाम से फर्जी फर्म खुलवाने, फर्जी फर्म खुलवाने के बाद उस फर्म के नाम से अकाउंट और अकाउंट से संबंधित अन्य जानकारी वह सारा ले लिया जाता था और जो खाते हैं। इन खातों को अपने ऊपर भेज करके विभिन्न तरीके से जो इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और गेमिंग ऐप्स के माध्यम से फ्रॉड किए जा रहे थे।

पुलिस के द्वारा अब तक 41 अकाउंट बरामद किए गए

पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई कि बेटिंग के माध्यम से फ्रॉड किए जा रहे था और जो पैसे लोगों से लिए जा रहे थे वह सारे पैसे इन खातों में आते थे। इस मामले में पुलिस के द्वारा अब तक 41 खाते बरामद किए गए हैं और NCRP की जो शिकायतें थीं उसमें लगभग 143 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस पूरे घटनाक्रम में अब तक चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और दो अभियुक्त इसमें अभी वांछित हैं। यह गिरोह कुल जो पैसे की धोखाधड़ी पूरे लेयर में हुई है वो धनराशि काफी ज्यादा है, वह लगभग 116 करोड़ 86 लाख से ज्यादा रुपये का है। इस गिरोह का सरगना नितीश कुमार पांडेय नाम है जो थाना क्षेत्र सासाराम बिहार का रहने वाला है और इसके अलावा दो अभियुक्तों को अभी और एक अभियुक्त है जिसका आपराधिक इतिहास है और उसका नाम दुष्यंत सिंह है।

(रिपोर्ट - अश्विनी त्रिपाठी)

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