मध्य प्रदेश अजब है, वाकई गजब है। यह वाक्य एक बार फिर सही साबित होता दिख रहा है। मध्य प्रदेश के श्योपुर से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग लाइन लगाकर एक के बाद एक बाइक निकाल रहे हैं। वीडियो देखर आपको ऐसा लग सकता है कि यह ट्रैक खासतौर पर बाइक के लिए ही बना है, जबकि यह रेलवे ट्रैक है, लेकिन किसी को भी अपनी जान की परवाह नहीं है।
बताया जा रहा है कि यहां बिजली और पानी की कमी से परेशान आदिवासियों ने सड़क जाम की थी। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। ऐसे में उन्होंने रेलवे ट्रैक पर ही बाइकें दौड़ा दीं। गनीमत रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ।
हैदराबाद में महिला ने रेलवे ट्रैक पर दौड़ाई थी कार
एक सप्ताह पहले हैदराबाद में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जहां शराब के नशे में धुत महिला ने रेलवे ट्रैक पर कार दौड़ा दी थी। रेल अधिकारियों ने ट्रैक पर कार देखी तो उनके होश उड़ गए। अधिकारियों ने महिला को रोकने की कोशिश की तो उसने कार की स्पीड बढ़ा दी। ऐसे में रेलवे के अधिकारियों ने भी कुछ दूर तक कार का पीछा करने के बाद हार मान ली। मामले की जानकारी रेलवे स्टेशन को दी गई। इसके बाद बेंगलुरू-हैदराबाद लाइन पर ट्रेनों को रोक दिया गया। थोड़ी देर बाद जब महिला कार को पटरियों से नीचे ले गई तो हालात सामान्य हुए।
शंकरपल्ली रेलवे स्टेशन की घटना
घटना शंकरपल्ली रेलवे स्टेशन के पास हुई। रेल अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक पर कार को देख सभी अधिकारी और कर्मचारी हैरान रह गए। पूरे स्टाफ में हड़कंप मच गया। एहतियातन बेंगलुरू-हैदराबाद के बीच ट्रेनों को रोक दिया गया। जब कार पटरी से बाहर गई तो रेल सेवाएं दोबारा शुरू हुईं।
पटरी से बाहर कैसे गई कार?
पटरी पर दौड़ती कार को देखकर रेलवे के कर्मचारी और अधिकारी हैरान रह गए। उन्होंने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन शराबी महिला ने कार की स्पीड बढ़ा दी। ऐसे में रेल कर्मचारियों ने कार का पीछा करना शुरू किया और उस ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया। थोड़ी दूर चलने के बाद महिला ने कार पटरी से उतार दी। ऐसे में कार नीचे उतरकर पेड़ों से टकरा गई और रुक गई। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। कार के पेड़ से टकराने से उसके शीशे टूट गए थे। रेलवे पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया और बाद में खुलासा किया कि वह शराब के नशे में थी।